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इंटरव्यू: 'धरम जी, अमिताभ ये नहीं कह सकते कि शोले उनके कारण हिट हुई'- हेमा मालिनी
भारत में सिनेमा हॉल के बड़े पर्दे पर 'शोले' लगभग पचास साल पहले रिलीज़ हुई थी.
इसे अब तक की सबसे मशहूर और प्रभावशाली हिन्दी फ़िल्मों में गिना जाता है.
साल 1975 में जब यह फ़िल्म बन रही थी, तब इसके कलाकारों को भी अंदाज़ा नहीं था कि यह भारतीय सिनेमा की एक कल्ट क्लासिक बन जाएगी.
फ़िल्म के हर किरदार और उन्हें निभाने वाले अदाकार इतने सहज और यादगार थे कि 50 साल बाद भी लोग उन्हें नहीं भूले हैं. फ़िल्म में एक बेहद ख़ास किरदार हेमा मालिनी ने निभाया था.
यह पहली बार था जब किसी हिन्दी फ़िल्म में कोई अभिनेत्री तांगेवाली के रूप में नज़र आई, और उन्होंने ऐसा जादू बिखेरा कि लोग आज भी उन्हें उनके असली नाम से ज़्यादा प्यार से "बसंती" कहकर पुकारते हैं.
'शोले' की बसंती का यह इंटरव्यू, फ़िल्म के बनने से लेकर उसके ब्लॉकबस्टर बनने तक की पूरी दास्तान बयाँ करता है.
इंटरव्यू: रवि जैन, बीबीसी के लिए
वीडियो: संदीप यादव
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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