'मनरेगा' एक स्कीम थी, इसे लोकसभा में ले जाने की ज़रूरत नहीं थी- अरुणा रॉय

वीडियो कैप्शन, 'मनरेगा' एक स्कीम थी, इसे लोकसभा में ले जाने की ज़रूरत नहीं थी- अरुणा रॉय
'मनरेगा' एक स्कीम थी, इसे लोकसभा में ले जाने की ज़रूरत नहीं थी- अरुणा रॉय

भारत सरकार 20 सालों से चले आ रहे मनरेगा क़ानून (महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट) की जगह लेने के लिए एक नया बिल लेकर आई थी.

'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी 'वीबी- जी राम जी' विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पास भी हो गया.

लेकिन कई लोगों की इसे लेकर आपत्ति है. इन आपत्तियों की वजह क्या है?

यही जानने के लिए बीबीसी संवाददाता सुमेधा पाल ने बात की सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय से.

शूट, एडिट: संदीप यादव

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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