'हम रावण को जलाते नहीं, रावण दादा हैं हमारे' - ग्राउंड रिपोर्ट

वीडियो कैप्शन, 'हम रावण को जलाते नहीं, रावण दादा हैं हमारे'
'हम रावण को जलाते नहीं, रावण दादा हैं हमारे' - ग्राउंड रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव के लोग दशहरा नहीं मनाते. ये लोग रावण को अपना पूर्वज मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं.

मान्यता कि रावण के पिता ने यहां एक शिव मंदिर बनवाया था...जिसे अब बिसरख धाम के नाम से जाना जाता है और यहां रावण की प्रतिमा भी स्थापित की गई है.

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव के लोग दशहरा नहीं मनाते. इस गांव में रावण का मंदिर भी है. यहां के लोग रावण को अपना पूर्वज मानते हैं.

गांव से रावण के रिश्तों को लेकर आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के पास कोई सबूत नहीं हैं. न ही कोई इतिहासकर पूर्ण तौर पर इसकी पुष्टि करते हैं...लेकिन इन सबके बावजूद गांववालों का यक़ीन बरकरार है और वो अपने इस कथित इतिहास पर गर्व भी करते हैं.

बीबीसी हिन्दी ने यहां के लोगों से बातचीत की है. इसी पर देखिए ये रिपोर्ट.

रिपोर्ट: प्रेरणा

शूट, एडिट: शाद मिद्हत

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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