कश्मीर: एक फ़ैशन शो जिसे लेकर मच गया हंगामा, लोगों ने कहा-रमज़ान में ऐसा शो शर्मनाक

    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित एक फ़ैशन शो को लेकर वहां हंगामा हो गया है. इस फ़ैशन शो की कई सियासी दल कड़ी आलोचना कर रहे हैं.

विधानसभा में भी गुलमर्ग में हुए इस फ़ैशन शो को लेकर हंगामा हुआ.

सोशल मीडिया पर रविवार, नौ मार्च को इस फ़ैशन शो की तस्वीरें जब वायरल हुईं तो इसे लेकर लोगों ने नाराज़गी ज़ाहिर की, जिसके बाद मुख्य़मंत्री उमर अब्दुल्लाह ने शो को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है.

ये फ़ैशन शो शुक्रवार को बर्फ की चादर से ढंके गुलमर्ग में आयोजित किया गया. इस प्रोग्राम को आयोजित करने वाले फैशन डिज़ाइनर शिवन और नरेश थे जो ग़ैर-कश्मीरी हैं.

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'शर्मनाक है ऐसा शो'

अलगावादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, " यह बेहद शर्मनाक है. रमज़ान के पवित्र महीने में एक अश्लील फैशन शो आयोजित किया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए हैं. इसे लेकर लोगों में आक्रोश और ग़ुस्सा है. सूफ़ी, संत संस्कृति और लोगों के गहरे धार्मिक दृष्टिकोण के लिए जानी जाने वाली घाटी में इसे कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है? इसमें शामिल लोगों को फ़ौरन जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर इस तरह की अश्लीलता कश्मीर में बर्दाश्त नहीं की जाएगी."

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आग़ा रूहुल्लाह ने भी इस फैशन शो के आयोजन को लेकर टिप्पणी करते हुए एक्स पर लिखा, "गुलमर्ग से जो तस्वीरें आई हैं वो चौंका देने वाली है. ऐसा लग रहा है जैसे कि ये हमारी संस्कृति के ख़िलाफ़ हमला है.

हंगामे के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कहा, "ये कोई सरकारी आयोजन नहीं था, बल्कि एक निजी स्तर का शो था. इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं. रमज़ान के दौरान ही नहीं, बल्कि किसी भी समय इस क़िस्म के शो आयोजित नहीं होने चाहिए."

वहीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी की नेता) इल्तिजा मुफ़्ती ने कहा, "ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. पर्यटन मंत्रालय उमर अब्दुलाह के पास है. गुलमर्ग के विधायक भी नेशनल कॉन्फ्रेंस से हैं. उन्हें पता था कि ये कार्यक्रम चल रहा है और अश्लील तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं. लेकिन उन्होंने इसे नहीं रोका."

क्या कह रही है भारतीय जनता पार्टी

जम्मू -कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता सुनील सेठी ने उमर अब्दुल्लाह के इस बयान पर सवाल उठाए कि उन्हें इस शो की जानकारी नहीं थी.

उन्होंने कहा, "अगर मुख्यमंत्री को इस बात पर आपत्ति है कि रमज़ान में गुलमर्ग में फ़ैशन शो नहीं होना चाहिए था तो वो किस बात के मुख्यमंत्री हैं कि रमज़ान के महीने में ऐसा हुआ और उन्हें ख़बर भी नहीं हुई."

उन्होंने कहा, "जब प्रोग्राम ख़त्म होता है तब उनको पता चलता है. उनके मंत्री कहां हैं ? ये सब विंटर स्पोर्ट्स के साथ संबंधित था, जिस दौरान ये हुआ. विंटर स्पोर्ट्स की तैयारियां चल रही थीं. जब कुछ होता रहता है तो उस समय ये लोग आंखें मूंद लेते हैं. उसके बाद जब सोशल मीडिया पर हंगामा शुरू होता है तो फिर ये लोग जाग जाते हैं. उमर अब्दुल्लाह कहते हैं कि रमज़ान के महीने में ऐसा नहीं होना चाहिए. क्या ऐसी कोई एडवाइज़री सरकार ने पहले जारी की थी कि रमज़ान के महीने में ऐसा नहीं होना चाहिए था."

आयोजक क्या कह रहे हैं?

शो को लेकर हंगामा बढ़ने के बाद शो के आयोजनकर्ता फ़ैशन डिज़ाइनर शिवन और नरेश ने एक्स पर बयान जारी कर माफ़ी मांगी है.

उन्होंने लिखा, "गुलमर्ग में रमज़ान के दौरान आयोजित हमारे फ़ैशन शो से अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो हमें इसके लिए बहुत खेद है. हमारा एकमात्र उद्देश्य क्रिएटिविटी को सेलिब्रेट करना था, बिना किसी को आहत किए या बिना किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए. हम लोगों को ठेस कतई नहीं पहुंचाना चाहते थे. लोगों को हुई परेशानी के लिए हम तहेदिल से माफ़ी चाहते हैं. हम भविष्य में अतिरिक्त सावधानी बरतेंगे."

आम लोग क्या कह रहे हैं?

श्रीनगर की रहने वाली सुमन लोन ने इस फ़ैशन शो पर अपनी राय रखते हुए कहा कि फ़ैशन शो आयोजन में आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस अंदाज़ और जिस समय में किया गया, वो ठीक नहीं है.

उन्होंने कहा, "फ़ैशन शो तो पूरी दुनिया में आयोजित होते हैं. कश्मीर में भी इसका आयोजन हुआ. लेकिन जिस अंदाज़ में ये हुआ वो हमारे जज़्बात के ख़िलाफ़ है, हमारी संस्कृति के ख़िलाफ़ है. मैंने खुद भी गुलमर्ग की वो वीडियो देखी. उनके जो कपड़े थे वो वल्गर थे. उनके लिए वो डिज़ाइन सामान्य हो सकता है लेकिन यहाँ कश्मीर के लिए नहीं. "

वहीं कश्मीर के ही एक नौजवान खुर्शीद अहमद कहते हैं, "अगर यह कहा जा रहा है कि यह एक निजी फ़ैशन शो था तो इसको बहुत ही प्राइवेट तरीक़े से करना चाहिए था, ना कि सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा की जाती. कश्मीरी तहज़ीब की अपनी एक पहचान है. इस मामले में संवेदनशीलता का ख़्याल रखना चाहिए था. "

कश्मीर की एक युवा मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर सेहरीन रोमासिया के मुताबिक़, "कम से कम रमज़ान के महीने में गुलमर्ग जैसे फ़ैशन शो को आयोजित करना किसी भी हाल में जायज़ नहीं है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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