You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
'बाज़ार' फ़िल्म के बाद किससे डर गई थीं सुप्रिया पाठक- कहानी ज़िंदगी की
- Author, इरफ़ान
सुप्रिया पाठक ने थिएटर से लेकर टेलीविज़न स्क्रीन और सिनेमा के पर्दे तक, हर जगह अपनी छाप छोड़ी है.
उनका जन्म मुंबई में हुआ और यहीं पर उनका बचपन बीता. उनकी माँ दीना पाठक अपने ज़माने की मशहूर अभिनेत्री थीं, जिन्होंने नाटकों और फ़िल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई.
सुप्रिया की बड़ी बहन रत्ना पाठक शाह भी मशहूर अभिनेत्री हैं. रत्ना पाठक ने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से पढ़ाई की और थिएटर की दुनिया में बड़ा नाम कमाया.
सुप्रिया पाठक का परिवार शुरू से ही कला और अभिनय के क्षेत्र से जुड़ा रहा इसलिए यह कहना ग़लत नहीं होगा कि एक्टिंग उनके ख़ून में है. माँ दीना पाठक के नाटकों को देखते हुए सुप्रिया का बचपन बीता और यही वो माहौल था, जिसने उन्हें अभिनय की दुनिया में क़दम रखने के लिए प्रेरित किया.
सुप्रिया पाठक ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की. उनकी माँ दीना पाठक का मशहूर नाटक 'मैना गुर्जरी' उनके लिए एक बड़ा मंच साबित हुआ.
इस नाटक में सुप्रिया ने ऐसा अभिनय किया कि लोग उनकी तारीफ़ किए बिना ना रह सके. थिएटर में काम करने से सुप्रिया को किरदारों की गहराई समझने का मौक़ा मिला और यही उनकी ताक़त बनी.
बॉलीवुड में साल 1981 में डेब्यू
सुप्रिया पाठक ने साल 1981 में फ़िल्म कलयुग से बॉलीवुड में डेब्यू किया. इस फ़िल्म में उनके किरदार को ख़ूब सराहा गया. इसके बाद विजेता, बाज़ार और मासूम जैसी फ़िल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों का दिल जीता.
गोलियों की रासलीला राम-लीला में उनका किरदार हो या वेक अप सिड में रणबीर कपूर की माँ का किरदार, सुप्रिया पाठक ने हर बार साबित किया कि वो किसी भी किरदार को अपने अभिनय से ख़ास बना सकती हैं.
सुप्रिया पाठक को घर-घर तक पहुंचाने में किसी किरदार का सबसे बड़ा हाथ है, तो वो है खिचड़ी का किरदार हंसा. इस सीरियल में सुप्रिया ने हंसा पारेख का किरदार निभाया.
लोगों को पसंद आया हंसा का किरदार
खिचड़ी एक ऐसा टीवी शो था, जिसने भारतीय टीवी इंडस्ट्री को कॉमेडी का नया अंदाज़ दिया. हंसा के किरदार ने सुप्रिया को हर उम्र वर्ग के दर्शकों का चहेता बना दिया.
खुद उनके शब्दों में, "खिचड़ी के चरित्रों में आपसी रिश्ते वैसे तनावपूर्ण और शंकाओं से घिरे नहीं थे, जो बाक़ी सीरियल्स में दिखाए जा रहे थे."
सुप्रिया पाठक की निजी ज़िंदगी भी उनकी प्रोफ़ेशनल ज़िंदगी जितनी ही रचनात्मक है. उनकी शादी मशहूर अभिनेता पंकज कपूर से हुई, जो एक बेहतरीन एक्टर और डायरेक्टर हैं.
इस कपल की केमिस्ट्री ऑन-स्क्रीन और ऑफ़-स्क्रीन दोनों जगह क़माल की है. सुप्रिया पाठक और पंकज कपूर के बच्चे सना, रूहान और शाहिद कपूर पारिवारिक गर्मजोशी की मिसाल हैं.
सुप्रिया पाठक कहती हैं, "मैं हर किरदार को अपना 100 फ़ीसदी देती हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि हर रोल में कुछ नया सीखने को मिलता है."
आप नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर 'कहानी ज़िंदगी की' के पुराने एपिसोड्स भी देख सकते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां कर सकते हैं. आप हमें एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)