पाकिस्तान में डाकुओं को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए उठाया जा रहा ये क़दम - वुसअत की डायरी

वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान में डाकुओं को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए उठाया जा रहा ये क़दम- वुसत की डायरी
पाकिस्तान में डाकुओं को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए उठाया जा रहा ये क़दम - वुसअत की डायरी

पाकिस्तान के शिकारपुर की पुलिस लाइन में क़रीब एक सप्ताह पहले कई डाकुओं ने अपने हथियार डाले.

ये सभी इनामी डाकू थे. किसी पर पचास लाख तो किसी पर तीस लाख. कुल 52 डाकुओं ने 205 हथियार समर्पित किए.

उसके बाद दोपहर का खाना हुआ, लेकिन ये अभी भी सभ्य समाज की धारा में तब तक शामिल नहीं समझे जाएंगे जब अदालतें उन्हें उनके संबंधित अपराधों के लिए बरी ना कर दें.

हालांकि बरी होना इतना मुश्किल भी नहीं. देखिए, पाकिस्तान की डाकू माफ़ी पॉलिसी पर वरिष्ठ पत्रकार वुसअत की डायरी.

वीडियो: सदफ़ ख़ान

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)