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'मेरे लिए हिजाब कट्टरता नहीं, मुस्लिम होने की पहचान है'
साल 2019 में केंद्र सरकार ने एक बार में तीन बार तलाक़ कहकर तलाक़ देने को जुर्म करार देने वाला नया क़ानून बनाया.
वहीं साल 2022 में कर्नाटक में स्कूल में हिजाब पहनकर जाने पर पाबंदी लगा दी गई.
जिन मुसलमान औरतों के नाम और पहचान पर ये कदम उठाए गए, उनकी ज़िंदगी को इसने कैसे बदल दिया.
रांची की बरीरा अली ने क्यों हिजाब पहनने का फ़ैसला किया और नए कानून के बावजूद हैदराबाद की फ़रहीन को तलाक़ क्यों नहीं मिल पा रहा?
हमारी विशेष सिरीज़ ‘हम – भारत के मुसलमान’ के दूसरे भाग में बात औरतों की.
रिपोर्टर – दिव्या आर्य
कैमरा-एडिटिंग – प्रेमानंद भूमीनाथन
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