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आज के भारत में बड़े होते मुस्लिम बच्चे
धर्म के आधार पर बढ़ते तनाव, हिंसक वारदातों और कमज़ोर होते सामाजिक ताने-बाने में भारत के अल्पसंख्यक मुसलमान खुद को कहां खड़ा पाते हैं.
हमारी विशेष सीरीज़ ‘हम – भारत के मुसलमान’ के इस पहले भाग में बात बच्चों की.
देश के इस माहौल का मुसलमान बच्चों पर क्या असर पड़ रहा है?
बच्चे उससे कैसे जूझ रहे हैं, मां-बाप उन्हें कैसे समझा रहे हैं?
बिहार के अररिया शहर और राजधानी दिल्ली से सटे नौएडा में दो बच्चों और उनकी मांओं के अनुभवों से जानिए क्या है अब भारत में मुसलमान बच्चे को बड़ा करने का मतलब?
रिपोर्ट: दिव्या आर्य
शूट-एडिट:प्रेमानंद भूमीनाथन
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