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विराट कोहली अपने 500वें मैच में क्या कमाल करेंगे?
- Author, विमल कुमार
- पदनाम, पोर्ट ऑफ स्पेन से बीबीसी हिंदी के लिए
वेस्ट-इंडीज़ के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट के पहले दिन विराट कोहली को एक बार फिर से अपना पहला रन बनाने के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ा. 21 गेंदों के बाद कोहली ने पहला रन बनाया. लेकिन, इसका मतलब कतई ये नहीं था कि को वो लय में नहीं थे.
डोमिनिका टेस्ट के विपरीत, कोहली इस पारी में ज़्यादा बेहतर नियंत्रण में दिख रहे हैं और दूसरे दिन वो अपना 29वां टेस्ट शतक बनाने से सिर्फ 13 रन दूर हैं.
पांच साल से विदेशी जमीन पर शतक नहीं बनने का सिलसिला आखिरकार उस मैदान पर टूट ही गया जो भारत के बाहर कोहली के बेहद पंसदीदा मैदानों में से एक है.
जहां पर उनका रिकॉर्ड हर फॉरमेट में शानदार है.
मेज़बान वेस्टइंडीज़ ने दोबारा टीम इंडिया के सामने बेहतरीन मेज़बान होने का सबूत दिया जब कप्तान क्रेग ब्रैथवेट ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया.
टीम इंडिया के लिए पहले टेस्ट में रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल की जोड़ी ने बेहद शानदार शुरुआत दी थी और ऐसा लगा कि उन्होंने फिर से वहीं से बल्लेबाज़ी शुरू की.
नतीजा रहा लगातार दूसरे टेस्ट मैच में एक औऱ शतकीय साझेदारी.
दो टेस्ट में लगातार दो शतकीय साझेदारी का कमाल
दो टेस्ट में लगातार दो शतकीय साझेदारी का कमाल भारतीय क्रिकेट में 1999 में हुआ था जब सदगोपन रमेश और देवांग गांधी को जोड़ी ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ ये कमाल दिखाया था.
दिन का खेल ख़त्म होने के बाद जायसवाल जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो उन्हें फिर से शतक चूकने का मलाल रहा लेकिन उन्होंने कहा कि ये क्रिकेट का हिस्सा है.
रोहित शर्मा के साथ बल्लेबाज़ी करने और विराट कोहली के साथ वक्त बिताने को जायसवाल क्रिकेट का शानदार अनुभव बताते हैं.
ख़ैर, कप्तान रोहित शर्मा को इस बात का अफसोस ज़रूर हुआ होगा कि आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में टॉप टेन में आने का जश्न उन्होंने एक और शतक लगाकर नहीं मनाया.
लेकिन, रोहित को इस बात की संतुष्टि होगी कि लगातार दूसरे मैच में शुममन गिल और अंजिक्या रहाणे जैसे मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज़ों की नाकामी के बावजूद टीम इंडिया मज़बूत स्थिति में है.
अगर रोहित और जायसवाल की जोड़ी ने 139 रनों की साझेदारी की तो फिलहाल कोहली और रवींद्र जडेजा की जोड़ी नाबाद 106 रनों की साझेदारी कर चुकी है.
अपने 500वें मैच में क्या कोहली पर दबाव है?
मैच के दूसरे दिन ज़ाहिर सी बात है कि हर निगाह कोहली के शतक पर होगी.
अपने करियर का 500वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे कोहली की इस उपलब्धि का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय क्रिकेट में सिर्फ सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और महेंद्र सिंह धोनी ने इस आंकड़े को पार किया है.
लेकिन, 499 मैचों के बाद कोहली अपने आदर्श तेंदुलकर के साथ रन, शतक, औसत और स्ट्राइक रेट के मामले में आगे चल रहे हैं.
टेस्ट मैच से ठीक एक दिन पहले कोहली अभ्यास के लिए तो नहीं आये लेकिन उससे पहले दिन उन्होंने जमकर पसीना बहाया था.
कोहली इन दिनों अभ्यास सत्र के दौरान सिर्फ और सिर्फ राहुल द्रविड़ के साथ बातें करते दिखते हैं.
यहां तक कि कोच के साथ उन्हें अक्सर हंसी-मज़ाक करते हुए देखा जा सकता है.
कोहली का एहसास है कि लगातार मीडिया में उनके बड़े स्कोर ना होने को लेकर चर्चा चल रही है.
लेकिन वैसी बातों का तनिक दबाव भी उनके बॉडी लैंग्वेज में फिलहाल वेस्टइंडीज़ में तो बिलकुल नहीं दिख रहा.
हर तरह गावस्कर की चर्चा क्यों?
कोहली और टीम इंडिया का खेल देखने के लिए वीआईपी बॉक्स में सुनील गावस्कर मौजूद थे.
गावस्कर को इस मैच में ख़ास तौर पर आंमत्रण देकर मेहमान के तौर पर बुलाया गया है और ना कि उनके चिर-परिचत अंदाज़ कमेंटेटर की भूमिका में.
गावस्कर मैच के दूसरे दिन मैदान में ख़ास तौर पर सम्मानित किया जायेगा क्योंकि इस मैदान में गावस्कर की तूती बोलती रहा है क्योंकि यहां उन्होंने सबसे ज़्यादा चार शतक बनाये है.
एक ज़माना था जब क्वींस पार्क ओवल का नाम बदलकर सनी पार्क ओवल की भी चर्चा थी.
ख़ैर, अगर इस मैदान और इस शहर में आप आयें और किसी भी शख्स से क्रिकेट की चर्चा करें तो वो आपसे बिना गावस्कर का हाल-चाल पूछे बात भी नहीं करेगा.
गावस्कर के दौर के हर क्रिकेट पैन के लिए उनसे जुड़ी एक कहानी और किस्सा है.
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान को जितना लाड़-प्यार और सम्मान पोर्ट ऑफ स्पेन में मिलता है शायद न्हें उनके शहर मुंबई में भी लोग इतनी अहमियत ना देते हों.
क्या कैरिबियाई जमीन पर टेस्ट क्रिकेट ख़त्म हो जाएगी?
बहरहाल, इस मैच में टीम इंडिया को भले ही जीतने में परेशानी ना हो लेकिन दुनिया को इस बात की चिंता ज़रूर करनी चाहिए कि कैरिबियाई जमीन टेस्ट क्रिकेट ख़त्म होती दिख रही है.
साल 2020 में ये लेखक वन-डे और टी20 के लिए इन मैदानों पर मौजूद था और ऐसा लग रहा था कि जश्न का माहौल होगा लेकिन टेस्ट क्रिकेट देखने के लिए पूरे मैदान में शायद 2000 दर्शक भी नहीं थे.
उनमें से पांच सौ तो अमेरिका और कनाडा से आने वाले भारतीय फैन्स ही थे.
अगर स्टेडियम के बाहर की सड़कों का आप चक्कर काटें और जनता से पूछें तो उन्हें ये पता भी नहीं कि कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज इस मैदान पर खेल रहे हैं.
गावस्कर तो को ये बात निश्चित तौर पर खटक रही होगी कि क्योंकि उन्होंने हमें निजी तौर पर बताया कि किस तरह से हर स्टैंड में कैसे कैसे अलग अलग लोगों का ग्रुप हुआ करता था और मैच के दौरान खिलाड़ियों से दिलचस्प अंदाज़ में बातें करता था.
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