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कहानी उस जासूसी स्कैंडल की जिसने भारत सरकार को हिलाकर रख दिया- विवेचना
1985 का जनवरी महीना भारतीय राजनीति के लिए काफ़ी उथल-पुथल वाला था. प्रधानमंत्री राजीव गांधी के प्रधान सचिव पी सी एलेक्ज़ेडर ने इस्तीफ़ा दे दिया था.
भारत के कहने पर फ़्रांस ने दिल्ली से अपना राजदूत वापस बुला लिया था. चेकोस्लवाकिया, पोलैंड और पूर्वी जर्मनी के दिल्ली दूतावास से कई राजनयिकों को निष्कासित किया गया था.
इस सबके पीछे एक जासूसी स्कैंडल था जिसके तार भारत सरकार के केंद्र बिंदु, यानी प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े हुए थे.
रेहान फ़ज़ल के साथ विवेचना में आज, 80 के दशक में हुए कूमार नारायण जासूसी स्कैंडल की अनकही कहानी.
वीडियो: सदफ़ ख़ान
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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