मोहम्मद सिराज: 'ग़लती' से लेकर मैच के हीरो तक, ओवल टेस्ट की पांच यादगार बातें

भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल में सिरीज़ का आख़िरी टेस्ट, क्रिकेट के रोमांच की हर कसौटी पर खरा उतरा. आख़िरी लम्हों तक कोई ये कह पाने की स्थिति में नहीं था कि कौन सी टीम बाज़ी मारेगी.

मैच के बाद भारतीय बल्लेबाज़ के एल राहुल ने जो कहा उससे साबित हो जाता है कि ये टेस्ट क्यों क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार मैच रहेगा.

के एल राहुल ने कहा, "टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को लेकर बहुत सारे सवाल उठ रहे थे. जिस तरह से दोनों टीमों ने सिरीज़ खेली है, इस सवाल का जवाब मिल गया है."

मैच के चौथे दिन मोहम्मद सिराज जब अपनी एक 'ग़लती' की वजह से ट्रोल हो रहे थे वही मोहम्मद सिराज पांचवें दिन मैच विनर साबित हुए.

इसके अलावा भी इस मैच में ऐसे कई लम्हे आए जो या तो टर्निंग प्वाइंट साबित हुए या हो सकते थे. नज़र डालते हैं ऐसे ही पांच यादगार लम्हों पर

1. जायसवाल-आकाशदीप की पार्टनरशिप

पहली पारी में 23 रनों से पीछे रहने के बाद जब भारतीय टीम दूसरी पारी में बैटिंग करने उतरी तो एक समय दो विकेट के स्कोर पर 70 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी.

भारत को एक बड़ी पार्टनरशिप की ज़रूरत थी. ऐसे में भारतीय टीम के लिए संकटमोचक बने यशस्वी जायसवाल और नाइट वॉचमैन आकाशदीप.

दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 107 रन जोड़े और टीम की ढहती पारी को संभाला. आकाशदीप ने 66 रन बनाए.

वहीं यशस्वी जायसवाल ने ज़ोरदार शतक बनाकर भारत को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाने में मदद की. जब शुभमन गिल, करुण नायर और के एल राहुल जैसे स्थापित बल्लेबाज़ दूसरी पारी में सफल नहीं रहे तब निचले क्रम में ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने बेहतरीन अर्धशतक बनाकर भारत की पारी 396 रन तक पहुंचा दी. जिसकी वजह से भारत इंग्लैंड को 374 रन का लक्ष्य देने में कामयाब हुआ.

2. हैरी ब्रुक का वो 'कैच'

मैच के चौथे दिन मोहम्मद सिराज से ऐसी 'ग़लती' हुई कि वो कुछ भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के निशाने पर आ गए. टीम को उस 'ग़लती' का गंभीर ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता था.

स्कोर जब तीन विकेट पर 137 रन पर पहुँचा तभी प्रसिद्ध कृष्णा पारी का 34वां ओवर फेंकने आए.

प्रसिद्ध कृष्णा ने पहली बॉल शॉर्ट फेंकी, जिस पर हैरी ब्रुक ने पुल शॉट खेला और गेंद हवा में डीप फाइन लेग की तरफ पहुँची. वहां मोहम्मद सिराज खड़े थे. सिरीज़ में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले सिराज ने गेंद को आसानी से लपक भी लिया. कैच पूरी तरह संतुलन में था और पेसर कृष्णा ने तो विकेट का जश्न भी मनाना शुरू कर दिया था.

लेकिन तभी सिराज से ये ग़लती हो गई कि कैच लेने के बाद उनका ध्यान पीछे बाउंड्री रोप पर नहीं गया, वो ये जज करने में नाकाम रहे कि बाउंड्री से कितनी दूर हैं. यही कारण रहा कि उनका पैर सीमारेखा से टकरा गया.

इसका मतलब ये कि हैरी ब्रुक न सिर्फ़ आउट होने से बच गए, बल्कि उनके और टीम के खाते में छह रन भी जुड़ गए.

हैरी ब्रुक को ये जीवनदान 19 रन के निजी स्कोर पर मिला था.

इंग्लैंड ने लंच और टी ब्रेक के बीच 153 रन जोड़े. हैरी ब्रुक ख़ासे आक्रामक रहे और उन्होंने 91 गेंदों पर शतक पूरा किया. ब्रुक और जो रूट के बीच चौथे विकेट के लिए 195 रनों की साझेदारी हुई.

हैरी ब्रुक ने 111 और जो रूट ने 105 रन बनाए.

3. हैरी ब्रुक का विकेट

हैरी ब्रुक और जो रूट जब क्रीज़ पर जम चुके थे तो इंग्लैंड की जीत लगभग निश्चित नज़र आने लगी थी.

जब इंग्लैंड जीत से महज़ 73 रन दूर था तब हैरी ब्रुक आकाशदीप की गेंद पर स्ट्रोक लगाने के लिए आगे बढ़े, गेंद उनके बल्ले पर आई ज़रूर लेकिन उनका बैट हाथ से छूट गया जिसकी वजह से स्ट्रोक में ताक़त नहीं आ पाई और गेंद मोहम्मद सिराज की तरफ़ उछली.

सिराज से कुछ घंटे पहले जो चूक हुई थी उसकी भरपाई करते हुए उन्होंने इस आसान कैच को लपक लिया और ब्रुक की पारी का अंत किया.

ब्रुक के आउट होते ही इंग्लैंड के विकेट एक के बाद एक गिरने लगे.

4. मैच विनर सिराज

आख़िरी दिन का खेल जब शुरू हुआ तो इंग्लैंड का स्कोर 6 विकेट के नुक़सान पर 339 रन था.

चौथे दिन के आख़िरी सत्र में भारतीय गेंदबाज़ों के कमबैक के बावजूद इंग्लैंड का ही पलड़ा भारी लग रहा था. लेकिन मोहम्मद सिराज के इरादे कुछ और थे. मैदान में तरोताज़ा होकर उतरे सिराज की गेंदों का इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था.

उन्होंने जेमी स्मिथ, ओवर्टन और गस एटकिंसन के विकेट लेकर भारतीय जीत पर मुहर लगा दी.

5. जब चोटिल क्रिस वोक्स मैदान में उतरे

इंग्लैंड के लिए ये मैच कितना अहम था ये इस बात से साबित होता है कि जब टीम का स्कोर 9 विकेट के नुकसान पर 357 रन था और इंग्लैंड जीत से महज़ 17 रन दूर था तब चोटिल होने के बावजूद क्रिस वोक्स मैदान पर उतरे.

उनका एक हाथ पूरी तरह से चोटिल था जिसे उन्होंने अपने स्वेटर के नीचे छिपाया हुआ था.

साफ़ है कि वो बैटिंग करने की स्थिति में भी नहीं थे. फिर भी उन्होंने मैदान में उतरने का फ़ैसला किया. उनके इस जज़्बे की वजह से मैदान में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया.

क्रीज़ पर मौजूद गस एटकिंसन ने उनको स्ट्राइक लेने से बचाए रखा.

लेकिन आख़िरकार सिराज की एक बेहतरीन गेंद ने एटकिंसन के स्टंप्स बिखेर दिए और वोक्स के जज़्बे के बावजूद इंग्लैंड ये मैच हार गया.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित