नुसरत फ़तह अली ख़ान का बचपन और क़व्वाली को शिखर तक पहुंचाने की कहानी?- विवेचना
नुसरत फ़तह अली ख़ान का बचपन और क़व्वाली को शिखर तक पहुंचाने की कहानी?- विवेचना
नुसरत फ़तह अली ख़ान के गीतों और क़व्वालियों को पाकिस्तान और भारत समेत पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है.
उन्होंने साल 1997 में केवल 48 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.
विवेचना में रेहान फ़ज़ल सुना रहे हैं कव्वाली को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने वाले नुसरत फ़तह अली ख़ान की कहानी.
वीडियो: सदफ़ ख़ान
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



