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सूडान के लोगों पर मंडराता संकट, लगे जनसंहार के आरोप
अफ्रीकी देश सूडान बीते दो साल से गृहयुद्ध की मार झेल रहा है. यहां सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स के बीच देश की सत्ता पर कब्ज़े के लिए संघर्ष चल रहा है.
रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स ने दक्षिणी दार्फ़ुर के ज़मज़म कैंप पर कब्ज़ा कर लिया है. शरणार्थी कैंप में रह रहे हज़ारों लोग जान बचाकर कहीं और भाग रहे हैं. रिफ़्यूजी कैंप में क़रीब 5 लाख़ लोग रहते थे जिनपर अब भुखमरी का भी संकट मंडरा रहा है.
सूडान के दक्षिणी दार्फ़ुर की राजधानी अल-फ़शर आख़िरी ऐसा शहर है जो अभी भी आरएसएफ़ के ख़िलाफ़ खड़ा है. कोई जर्नलिस्ट अल-फ़शर नहीं जा सकता. वहां मौजूद लोगों ने बीबीसी के लिए अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को कैमरे में क़ैद किया है. देखिए बीबीसी संवाददाता हेबा बितार की ये रिपोर्ट.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.