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भारत में फ़ॉर्मूला वन होना तय | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अब भारत में फ़ॉर्मूला वन रेस होना तय हो गया है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इस रेस के लिए दिल्ली से सटे सोहना और ग्रेटर नोएडा को हरी झंडी दे दी है. भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विशेषज्ञों ने गुड़गांव के पास सोहना और उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की पहचान ऐसे स्थानों के तौर पर की हैं जहां फ़ॉर्मूला वन रेस के लिए ट्रैक बन सकता है. कलमाडी ने बताया कि अब भारतीय ओंलंपिक संघ तय करेगा कि ये ट्रैक कहां बनाया जाएगा. हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने रेस ट्रैक बनाने के लिए भी अनुमति दे दी है. भारत मे पहली फ़ॉर्मूला वन रेस का आयोजन 2010 में किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि इससे पहले विजय माल्या ने फ़ॉर्मूला वन के आयोजन को समर्थन की घोषणा की थी और स्पाइकर-फरारी के अधिग्रहण के साथ फ़ॉर्मूला वन मोटरकारों में भारत की रुचि का संकेत भी दे दिया था. इस बीच मोटर स्पोर्टस में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. ग्रां प्री 2 में पहली बार किसी भारतीय ने जीत दर्ज की है. करुण चंडोक पहले भारतीय हैं जिन्होंने बेल्जियम के स्पा सर्किट में हुई इस प्रतियोगिता मे पहला स्थान हासिल किया. नारायण कार्तिकेयन के बाद अब करुण चंडोक भी मोटर स्पोर्ट में अपनी पहचान बना रहे हैं. ग्रां प्री में अच्छा प्रदर्शन करने वाले ड्राईवरों को फ़ॉर्मूला वन में जगह दी जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें शूमाकर ने फॉर्मूला वन में इतिहास बनाया12 अक्तूबर, 2003 को | खेल की दुनिया शूमाकर ने जीत की हैट्रिक लगाई05 अप्रैल, 2004 | खेल की दुनिया शूमाकर करियर की आख़िरी रेस में पिछड़े22 अक्तूबर, 2006 | खेल की दुनिया शूमाकर ने मोटर रेसिंग को अलविदा कहा23 अक्तूबर, 2006 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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