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वर्ल्ड चैंपियन खिताब से एक क़दम दूर साइना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की साइना नेहवाल दक्षिण कोरिया की बाए योन जू को हराकर जूनियर वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुँच गई हैं. दक्षिण कोरिया में चल रही चैंपियनशिप के सेमीफ़ाइनल में दुनिया की 32वें नंबर की खिलाड़ी साइना ने अपने प्रतिद्वंद्वी को सीधे सेटों में महज 35 मिनटों में ही 25-23, 21-13 से मात दे दी. इस तरह साइना अब इतिहास रचने से महज एक क़दम की दूरी पर हैं. अगर वह फ़ाइनल में जीत जाती हैं तो जूनियर बैडिमंटन चैंपियनिशप जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन जाएंगी. फ़ाइनल में साइना का मुक़ाबला शनिवार को चीन की वांग यिहान से होगा. यिहान ने दूसरे सेमीफ़ाइनल में दक्षिण कोरिया की ही किम मून को 21-16, 21-13 से हराया. 16 वर्षीय साइना के लिए कोरियाई प्रतिद्वंद्वी को हराना काफ़ी मुश्किल था लेकिन उन्होंने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की. चुनौती साइना ने बीबीसी से कहा, ''यह अच्छा मुक़ाबला था. पहला गेम लंबा और कठिन था लेकिन मैंने शांति से खेलते हुए जीत दर्ज की. दूसरे गेम में मैंने उन्हें लंबी रैली में उलझा दिया और मुझे इसका परिणाम मिला.'' उन्होंने कहा कि दूसरे मैच में हम 13-13 पर थे, लेकिन उसने जल्दी-जल्दी ग़लती करनी शुरू कर दी और मैंने अपने शॉट खेले. अपनी मौजूदा फॉर्म के बारे में साइना ने कहा, ''मैं फ़इनल में पहुंच कर खुश हूं और जिस तरह मैं खेल रही हूँ, उससे संतुष्ट हूँ. इस टूर्नामेंट में मैंने इंडोनेशिया, मलेशिया, चीन और कोरियाई लड़कियों के ख़िलाफ़ कुछ अच्छी जीत हासिल की हैं. उम्मीद है कि मैं यही प्रदर्शन फ़ाइनल में भी जारी रखूंगी.'' फ़ाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी के बारे साइना ने कहा कि यिहान के साथा पहले मैंने कोई मैच नहीं खेला है लेकिन उनका खेल देखा है. मुकाबला काफ़ी संघर्षपूर्ण होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें बैडमिंटन खिलाड़ी साइना ने इतिहास रचा29 मई, 2006 | खेल उम्मीदें सिर्फ़ पोपट से31 जुलाई, 2003 | खेल महिलाओं की अच्छी शुरुआत30 जुलाई, 2003 | खेल खेलों पर सार्स का साया29 अप्रैल, 2003 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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