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हराना आसान नहीं होगा: द्रविड़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ का कहना है कि इंग्लैंड की टीम के सदस्यों के चोटग्रस्त होने या फिर उनके बड़े खिलाड़ियों के टीम में न होने का ये मतलब नहीं कि पहले टेस्ट में उनको हराना आसान होगा. उन्होंने कहा कि स्पिनर हरभजन और अनिल कुंबले महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन ये मानना गलत होगा कि इंग्लैंड के बल्लेबाज़ स्पिन गेंदबाज़ों के आगे घुटने टेक देंगे. द्रविड़ ने कहा, "ये कहना ऐसा कहने के बराबर है कि भारत तेज़ गेंदबाज़ों को नहीं खेल सकता.” द्रविड़ ने ये भी कहा कि हरभजन और कुंबले इंग्लैंड को चुनौती दे सकते हैं लेकिन कोई स्पिनर आते ही उन्हें आउट कर देगा ऐसा सोचना अवास्तविक होगा. उम्मीद की जा रही है कि नागपुर की पिच स्पिन ले सकती है. इसलिए भारत की टीम त्रिस्तरीय स्पिन हमले की तैयारी में है, जिसके लिए टीम नें सत्रह साल के स्पिनर पीयूष चावला को भी शामिल किया है. द्रविड़ ने कहा की इस युवा खिलाड़ी को शायद थोड़ा इंतज़ार करना पड़ सकता है लेकिन उसे मौका ज़रुर दिया जाएगा. पीयूष औ रैना से उम्मीदें उन्होंने कहा, "तीन-तीन स्पिनरों को खेलाना आसान तो नहीं लेकिन हम पीयूष को लेकर काफी उत्साहित हैं और हमें भरोसा है कि ड्रेसिंग रुम में कुंबले और हरभजन के आसपास रहने से वह काफी कुछ सीखेंगे." इंग्लैंड की टीम में भी एक युवा खिलाड़ी एलिस्टर कुक को मौका दिया जा रहा है जिनके मार्कस ट्रैसकोथिक की जगह खेलने की पूरी संभावना है. द्रविड़ ने कहा कि उन्होंने एसेक्स के इस खिलाड़ी के बारे में काफी सुना है पर साथ ही ये भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट खेलना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी. द्रविड़ ने कहा, "ये सिरीज़ आसान नहीं होगी. टेस्ट क्रिकेट कभी आसान नहीं रहा है. लेकिन चुनौतियों का सीधा मुक़ाबला करने से आत्मविश्वास आता है, जो कि आगे के लिए सहायक होता है." उन्होंने पीयूष चावला और सुरेश रैना की तारीफ़ करते हुए कहा कि भविष्य में इनकी क़ाबिलियत बारे में बहुत कुछ सुनने को मिलेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें कोच फ़्लेचर को फ़्लिंटॉफ़ पर भरोसा28 फ़रवरी, 2006 | खेल वॉन भी बाहर, फ़्लिंटॉफ़ को मिली कप्तानी27 फ़रवरी, 2006 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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