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गिब्स और बोए भारत दौरे पर नहीं आएँगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मैच फ़िक्सिंग के मामले के चलते दक्षिण अफ़्रीका के खिलाड़ी हर्शेल गिब्स और निकी बोए भारत दौरे पर नहीं आ रहे हैं. दक्षिण अफ़्रीका क्रिकेट बोर्ड के गेराल्ड मजोला ने बताया कि ये बेहद निराशाजनक है कि बोए और गिब्स टीम में शामिल नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए और कोई विकल्प नहीं है. भारतीय पुलिस वर्ष 2000 के मैच फ़िक्सिंग के एक मामले की जाँच कर रही है. इसी सिलसिले में पुलिस बोए और गिब्स से पूछताछ करना चाहती है और इस बात की गारंटी नहीं दी है कि अगर ये दोनों खिलाड़ी भारत आते हैं तो उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा. दक्षिण अफ़्रीका और भारत के बीच 16 नवंबर से पाँच एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच शुरू हो रहे हैं. दक्षिण अफ़्रीका क्रिकेटर एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी टोनी आइरिश ने कहा, " इस मसले पर काफ़ी बात हुई है लेकिन इसके बावजूद हम नहीं जानते कि पुलिस का इरादा क्या है." उन्होंने कहा कि बोए ने कभी कोई ग़लत काम नहीं किया और गिब्स को सज़ा हो चुकी है. दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए से जुड़े मैच फ़िक्सिंग मामले में वर्ष 2000 में काफ़ी हंगामा हुआ था. क्रोनिए ने पैसे लेने की बात स्वीकार कर ली थी. इस मामले में गिब्स पर छह महीने के लिए रोक लगा दी गई थी जबकि बोए ने हमेशा इस मामले में हाथ होने से इनकार किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें बोए और गिब्स पर गारंटी चाहता है बोर्ड12 जुलाई, 2005 | खेल हर्शेल गिब्स के भारत दौरे को लेकर संदेह21 अक्तूबर, 2004 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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