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'हरभजन सार्वजनिक बयान देने से बचें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह से कहा है कि वो प्रशासन और टीम के दूसरे सदस्यों के बारे में सार्वजनिक बयान देने से बचें. पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की प्रशासनिक कमेटी ने हरभजन सिंह को पूछताछ के लिए तलब किया था. इस दौरान हरभजन सिंह से ये पूछा गया कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरभ गांगुली और कोच ग्रेग चैपल की कार्यशाली के बारे में दिए गए उनके बयानों का क्या मतलब है. ये पूछताछ चंडीगढ़ के पास मोहाली में हुई. इससे पहले इस हफ़्ते हरभजन सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए गए साक्षात्कार में कप्तान गांगुली का बचाव किया था और कोच चैपल की कार्यशैली की आलोचना की थी. हरभजन सिंह को सौरभ गांगुली का समर्थक माना जाता है. सलाह हरभजन सिंह का ताल्लुक पंजाब के जलंधर शहर से है और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन में उनका नाम पंजीकृत है. इस नाते वे एसोसिएशन के सीधे नियंत्रण में आते हैं. पत्रकारों से बात करते हुए पीसीए अध्यक्ष इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने कहा, "हरभजन को मीडिया से बात करते वक़्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है." इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि पीसीए खिलाड़ियों को परिवार की तरह रखती है और किसी भी समस्या की सूरत में खिलाड़ी पीसीए का रुख़ कर सकते हैं. इंदरजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि हरभजन सिंह ने आश्वस्त किया है कि “वो ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे उन्हें ख़ुद, पीसीए को, बीसीसीआई या फिर भारतीय क्रिकेट को नुक़सान पहुँचे.” पीसीए के प्रतिनिधियों ने कहा कि जहाँ तक उनका सवाल है ये मामला ख़त्म हो गया है. |
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