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आर्मस्ट्रांग ने ख़िताब पर फिर कब्ज़ा किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के लांस आर्मस्ट्रांग ने सातवीं बार साइकिलिंग की टूअर दे फ़्रांस प्रतियोगिता जीतकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कर लिया है. कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझने बाद साइकिलिंग की दुनिया में सातवीं बार ये प्रतिष्ठित प्रतियोगिता जीतने वाले आर्मस्ट्रांग दुनिया भर में अनेक लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं. टूअर दे फ़्रांस में जीत के साथ ही उन्होंने साइकिलिंग को अलविदा कर दिया. अमरीका में टेक्सस के रहने वाले लांस आर्मस्ट्रांग रेस ख़त्म होने के चंद लम्हे पहले गिरने से बाल बाल बचे. आर्मस्ट्रांग ने इवान बासो से चार मिनट पहले रेस पूरी की जबकि यैन ओलरिश तीसरे स्थान पर रहे. वर्ष 1999 में पहली बार टूअर दे फ़्रांस प्रतियोगिता जीतने से पहले 33 वर्षीय आर्मस्ट्रांग को कैंसर से जूझना पड़ा. हालांकि बार-बार इस बात की चर्चा होती रही कि आर्मस्ट्रांग प्रतियोगिता से पहले ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएँगे लेकिन उन्हें इस साल कोई दिक्कत पेश नहीं आई. आर्मस्ट्रांग ने पहले दिन ही ओलरिश से एक मिनट की बढ़त बना ली थी और दसवें चरण तक आते आते काफ़ी आगे निकल गए थे. प्रतियोगिता के दौरान बारिश के चलते जॉर्ज हिनकेपी गिर पड़े लेकिन आर्मस्ट्रांग ने जल्द ही ख़ुद को संभाल लिया जिससे दोनों की टक्कर होते होते बच गई. ख़राब मौसम को देखते हुए आयोजकों ने प्रतियोगिता को बीच में भी रोकना पड़ा. प्रतियोगिता के बाद बोलते हुए आर्मस्ट्रांग ने कहा कि टीम के सहयोग के बिना ये संभव नहीं था. उन्होंने कहा कि ये एक कड़ा मुक़ाबला है और कड़ी मेहनत से ही इसे जीता जा सकता है. |
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