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आर्मस्ट्रांग ने इतिहास रचा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के लांस आर्मस्ट्रांग ने टूअर दे फ़्रांस साइकिल रेस लगातार छठी बार जीत कर इतिहास बनाया है. राष्ट्रपति बुश ने उन्हें फ़ोन कर बधाई दी है. आर्मस्ट्रांग टूअर के 101 साल के इतिहास में पहले व्यक्ति हैं जिसे छह बार विजेता बनने की उपलब्धि हासिल हुई है. उनसे पहले चार महान साइकलिस्ट इस प्रतियोगिता को पाँच-पाँच बार जीत चुके हैं. उल्लेखनीय है कि पहली बार 1999 में दुनिया की इस सबसे प्रतिष्ठित और सबसे कठिन रोड रेस में भाग लेने से पहले ज़िंदगी और मौत की लड़ाई में जानलेवा कैंसर को हरा चुके थे. डॉक्टरों ने कैंसरग्रस्त आर्मस्ट्रांग के ज़िंदा बचने की उम्मीद 50 फ़ीसदी से भी कम बताई थी. कठिनतम रोड रेस
तीन सप्ताह तक चलने वाली टूअर दे फ़्रांस प्रतियोगिता में साइकिल सवार को सर्दी, गर्मी और बरसात झेलते हुए कोई 3000 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है, और इसका बड़ा हिस्सा आल्प्स के पहाड़ों से होकर गुजरता है. रविवार को पेरिस में जब 32 वर्षीय आर्मस्ट्रांग लगातार छठी बार विजेता बने तो वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जर्मनी के एंड्रियाज़ क्लोडेन से छह मिनट 19 सेकेंड आगे थे. उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान प्रति घंटे 40.5 किलोमीटर की रफ़्तार से साइकिल दौड़ाई. अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने आर्मस्ट्रांग फ़ोन कर बधाई दी. उन्होंने अपने ही तरह टेक्सस के रहने वाले आर्मस्ट्रांग से कहा, "तुम अदभुत हो." |
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