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नए दौर के क्रिकेटर वेणुगोपाल और सुरेश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल दो नए खिलाड़ियों सुरेश रैना और वेणुगोपाल राव की क्रिकेट की दुनिया में सफ़र की कहानी अलग-अलग है. रैना सिर्फ़ 18 साल के हैं और उन्होंने बड़ी तेज़ी से सफलता की सीढ़ियाँ तय की हैं, जबकि 23 वर्षीय वेणुगोपाल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट क दरवाज़े तक पहुँचने से पहले बहुत इंतज़ार करना पड़ा है. दायें हाथ के बल्लेबाज़ वेणुगोपाल आंध्रप्रदेश के हैं. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 53 से ज़्यादा का औसत रखने वाले इस खिलाड़ी पर चयनकर्ताओं की नज़र पहली बार दो साल पहले पड़ी थी जब उन्होंने इंग्लैंड-ए टीम के ख़िलाफ़ नाबाद 228 रन बनाए. मैथ्यू हेडन, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को वेणुगोपाल अपना आदर्श बल्लेबाज़ बताते हैं. अभी इसी रविवार को वेणुगोपाल ने बंगलौर में अभ्यास सत्र के दौरान ज़हीर ख़ान की गेंदों की खूब धुनाई की. वैसे भारत-ए टीम में जगह मिलने में उनके खेल के साथ-साथ उनके भाग्य ने भी साथ दिया. दरअसल रोहन गावस्कर को हॉलैंड में एक प्रतियोगिता में भारत की मुख्य टीम में स्थान मिलने के बाद बनी जगह को भरने के लिए उन्हें भारत-ए टीम में शामिल किया गया. तब भारत-ए टीम ज़िम्बाब्वे के दौरे पर जा रही थी. उम्मीदें वेणुगोपाल राव को उम्मीद है कि सचिन तेंदुलकर की अनुपस्थिति में वह मध्यम क्रम की बल्लेबाज़ी को मज़बूती प्रदान कर सकेंगे. वेणुगोपाल कहते हैं, "मैं इस उक्ति में विश्वास करता हूँ कि अपना 100 प्रतिशत झोंक दो, और रोज़ सुधार की कोशिश करो." वेणुगोपाल के विपरीत सुरेश रैना बायें हाथ के बल्लेबाज़ हैं. उनके साथ ख़ासियत ये है कि वह ऑफ़-स्पिन गेंदें भी डाल सकते हैं. हाल ही में अपनी उत्तर प्रदेश की टीम को घरेलू एकदिवसीय मैचों की प्रतियोगिता के फ़ाइनल में पहुँचने पर उन्होंने कहा, "भारत को मेरी ज़्यादा ज़रूरत है." रैना ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की 26 पारियों में 43 की औसत से रन बनाए हैं. कहते हैं अभी से उन्होंने कोच ग्रेग चैपल और वरिष्ठ खिलाड़ियों को प्रभावित कर रखा है. |
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