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'स्पिन चौकड़ी' को सीके नायडू पुरस्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में 1970 के दशक में स्पिन गेंदबाज़ी की प्रसिद्ध 'चौकड़ी' इरापल्ली प्रसन्ना, बीएस चंद्रशेखर, बिशन सिंह बेदी और एस वेंकटराघवन को वर्ष 2003 का प्रतिष्ठित सीके नायडू पुरस्कार दिया जाएगा. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के प्रमुख जगमोहन डालमिया ने बुधवार को इस फ़ैसले की घोषणा की. उन्होंने बताया कि इन स्पिनरों के भारतीय क्रिकेट को आजीवन योगदान को देखते हुए उन्हें ये पुरस्कार देने का फ़ैसला किया गया. इस पुरस्कार के फ़ैसले के लिए हुई बैठक में भारतीय बोर्ड के छह पूर्व अध्यक्षों ने हिस्सा लिया. इनमें एसी मुथैया और राज सिंह डुंगरपुर भी शामिल थे. एक कार्यक्रम में ये पुरस्कार दिया जाएगा. कार्यक्रम की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है. पुरस्कार राशि दो लाख रुपए है. पहली बार ये पुरस्कार एक से अधिक खिलाड़ियों को दिया जाएगा. इससे पहले ये पुरस्कार लाला अमरनाथ और मंसूर अली ख़ान पटौदी को दिया जा चुका है. पुरस्कार समिति की बैठक के साथ ही बोर्ड के 75 वर्ष पूरे होने के मौक़े पर होने वाले कार्यक्रम तय करने पर भी चर्चा हुई. |
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