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माँ नहीं चाहतीं की मुरली ऑस्ट्रेलिया जाएँ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले श्रीलंका के स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के ऑस्ट्रेलिया जाकर क्रिकेट खेलने के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है. उनका परिवार उनके वहाँ जाकर खेलने के विरुद्ध है. मुरलीधरन ने हाल में ऑस्ट्रेलिया-श्रीलंका टेस्ट श्रृंखला का बहिष्कार करने की बात तब की थी जब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने उन्हें 'चकर' यानि ग़लत तरीक़े से गेंदबाज़ी करने वाला खिलाड़ी कहा था. मुरलीधरन की माता लक्ष्मी मुथैया कहती हैं, "नहीं, नहीं. मै नहीं चाहती कि वह वहाँ जाए. वह फिर उसका अपमान करेंगे. यदि मैच रेफ़री फिर ऐतराज़ करें तो मुरलीधरन क्या करेगा? तो हम कुछ नहीं कर पाएँगे." लक्ष्मी मुथैया का कहना है, "मुरलीधरन को हर रोज़ ऑस्ट्रेलिया बुलाने के लिए स्टीव वॉ जैसे अपने दोस्तों के फ़ोन आते हैं लेकिन हम नहीं चाहते कि वह वहाँ जाए."
उनका कहना है कि जब भी मुरलीधरन ऑस्ट्रेलिया गए हैं तो दर्शकों और अधिकारियों ने उनका निरादर किया है और वे नहीं चाहते कि उनके साथ दोबारा ऐसा हो जैसा 1995 में हुआ था. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उनकी गेंदबाज़ी की शैली को सही ठहराया है चाहे परिषद ने उनके 'दूसरा' गेंद को ग़लत बताया है. मुरलीधरन के परिवार के सदस्य और उनके कोच रहे सुनील फ़रनैंडो भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और स्पिन गेंदबाज़ बिशन सिंह बेदी से भी नाराज़ हैं. उन्होंने भी मुरलीधरन की गेंदबाज़ी करने की शैली पर आपत्ति जताई थी. |
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