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मैं यह पद पाना चाहता था: सुनील दत्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुनील दत्त ने कहा है कि खेल और युवा मामलों का मंत्री बनना उनकी हसरत थी. उन्होंने खेल संगठनों और ओलंपियनों की बैठक कराने की भी बात की है. बीबीसी हिंदी सेवा से विशेष बातचीत में सुनील दत्त ने कहा, "मैं तो चाहता था कि यह विभाग मुझे मिले. हमारे देश के 45 फ़ीसदी लोग युवा हैं." उन्होंने कहा, "लोग मुझसे खेल मंत्रालय के बारे में पूछते हैं, युवा मामलों के बारे में नहीं. युवाओं को सही दिशा मिलेगी, उनके दिल मे देश के लिए कुछ करने का इरादा होगा तो उनमें से अच्छे खिलाड़ी ज़रूर बनेंगे." अभी पिछले सप्ताह ही मंत्री बने सुनील दत्त ने देश की खेल-व्यवस्था को सुधारने के लिए कई योजनाएँ सोच रखी है. उन्होंने कहा, "संसद के सत्र के बाद देश के विभिन्न खेल संगठनों की बैठक आयोजित की जाएगी. उसमें उनके प्रदर्शन पर विचार किया जाएगा." अपनी एक अन्य योजना के बारे में सुनील दत्त ने कहा, "हम देश के ओलंपियनों का भी एक सम्मेलन आयोजित करेंगे. हम विचार करेंगे कि उनकी क्या समस्याएँ हैं, उनका क्या हल है, उन्हें उनके प्रोग्रेस के लिए क्या सुविधाएँ दी जाएँ." क्रिकेट का सवाल भारत में क्रिकेट के प्रभुत्व के बारे में उन्होंने कहा, "बीस साल पहले अख़बारों में क्रिकेट का भी कोई ख़ास ज़िक्र नहीं रहता था." भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों के बारे में सुनील दत्त ने कहा कि दोनों टीमों के बीच जितना आदान-प्रदान हो उतना बढ़िया होगा. उन्होंने बताया कि पाँच दशक बाद इस साल पाकिस्तान जाने पर उनका कितनी गर्मजोशी से स्वागत किया गया. |
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