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नवरातिलोवा की सिंगल्स मैच मे वापसी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टेनिस की जानी मानी खिलाड़ी मार्टीना नवरातिलोवा को वाइल्ड कार्ड के ज़रिए फ़्रेंच ओपन के सिंगल्स मे प्रवेश तो मिला लेकिन उनका सपना आगे नहीं बढ़ पाया. फ़्रेंच ओपन सिंगल्स का ख़िताब दूसरी बार जीतने के बीस साल बाद उन्हे ये प्रवेश मिला था लेकिन वह पहले ही मैच में हार गईं. शायद उनकी उम्र अब उनके आड़े आने लगी है, हालाँकि उनका जोश अब भी नज़र आता है. 47 वर्षीय नवरातिलोवा की पिछले महीने अमेलिया द्वीप में सिंगल्स में वापसी हुई थी और अब किसी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता में उनकी वापसी दस साल बाद हुई थी. नवरातिलोवा कहती हैं, "मेरे सिंगल्स के लिए प्रैक्टिस करने से डबल्स के लिए भी मदद मिल जाती है. मैं ज़्यादा से ज़्यादा मैच खेलना चाहती हूँ.’’ जीत का रिकॉर्ड नवरातिलोवा ने अपने खेल जीवन में 167 मैचों में विजय पाई है और महिलाओं के सिंगल्स का सबसे ज़्यादा ख़िताब पाने का जो उनका रिकॉर्ड है उसे अभी तक कोई तोड़ नही पाया है. फ़्रेंच ओपन प्रतियोगिताओं से जुड़े एक अधिकारी स्टीफ़न सिमियन ने कहा था कि नवरातिलोवा के अनुरोध को मान लिया गया और कहा गया है कि वो इस मैच में हिस्सा ले कर अपनी पिछली जीत की बीसवीं सालगिरह मनाएं. उन्होने ये भी कहा कि महिला टेनिस की सबसे महान खिलाड़ी के मैच में शामिल होने के अनुरोध को ठुकराना बहुत कठिन था. उनका ये भी कहना था कि नवरातिलोवा के पुराने रिकार्ड और उनकी वर्तमान खेल क्षमता को देखते हुए ये सोचा गया कि उन्हे सिंगल्स प्रतियोगिता में प्रवेश के लिए वाइल्ड कार्ड दिया जाना चाहिए. |
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