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आख़िर सचिन घिर ही गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुरक्षा के कारण भारतीय टीम के क़रीब आम जनता तो जा नहीं सकती लेकिन लाहौर से कराची जाते समय जहाज़ ऐसी जगह थी जहाँ सुरक्षा कर्मी लोगों को भारतीय क्रिकेट टीम को पास से देखने के लिए रोक नहीं सकते थे. मैंने उसी हवाई जहाज़ से लाहौर से कराची तक का सफ़र किया जिससे भारतीय क्रिकेट टीम सफ़र कर रही थी. सौरभ गांगुली और सचिन तेंदुलकर से सिर्फ़ तीन सीट पीछे बैठी मैं देख रही थी की ईर्द-गिर्द बैठे आम पाकिस्तानी भारतीय हीरो को देखकर बहुत ख़ुश थे. एक ने कहा, " मुझे क्रिकेट का बहुत शौक है और मुझे अपने आसपास उन्हें देखकर आश्चर्य भी हुआ और अच्छा भी लगा." तो दूसरे ने कहा, "इतने लंबे समय बाद भारतीय टीम पाकिस्तान आई है और मैं तो मना रही थी कि भारतीय टीम इसी फ़्लाइट से आए. काफ़ी अच्छा लग रहा है." एक यात्री को सचिन के ज़बरदस्त प्रशंसक निकले. उन्होंने कहा, "सचिन तेंदुलकर विश्व के महान बल्लेबाज़ हैं और उनके साथ हवाई जहाज़ में सफ़र करना जीवन का अनमोल क्षण है." यात्रा के दौरान पहले तो कोई हिम्मत नहीं कर पा रहा था कि इन क्रिकेटरों से ऑटोग्राफ लें कि कहीं उनके आसपास सादे कपड़ों में बैठा हुआ सुरक्षा गार्ड उन्हें रोक न दे.
लेकिन इसके बावजूद एक यात्री ने हिम्मत जुटाई और ऑटोग्राफ लेने सचिन के पास पहुँच गया. फिर तो जैसे लाइन ही लग गई. आसपास बैठे यात्री भारतीय खिलाड़ियों से ऑटोग्राफ लेने लगे. यहाँ तक कि मेरे पास बैठे कनाडा के एक पत्रकार जिम भी सचिन से ऑटोग्राफ लेने पहुँच गए. मौक़ा जिनके पास कैमरे थे वे तस्वीरें लेने लगे और जिनके पास वीडियो कैमरा था वे फ़िल्म बनाने का अवसर कैसे खो सकते थे. लेकिन फिर एयर होस्टेस ने कहा कि आप अपनी सीटों से न उठें और अपनी ऑटोग्राफ बुक मुझे दे दे. एयर होस्टेस सोनिया ख़ुद भी भारतीय टीम की मेहमाननवाज़ी करके बहुत ख़ुश थी. उन्होंने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. मुझे उन्हें क़रीब से देखने का मौक़ा मिल रहा है." भारतीय टीम के खिलाड़ी वैसे तो लोगों से नहीं मिल पा रहे हैं लेकिन जहाज में लोगों के इस जोश वाले बर्ताव पर उन्होंने कैसा महसूस किया. भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली, 'इतनी सुरक्षा है कि विमान में भी लोग पास नहीं आ पाते लेकिन जितनी भी लोगों से बातचीत हुई है वे ख़ुश हैं कि हम पाकिस्तान आए हैं और हम भी पाकिस्तान आकर ख़ुश हैं.' यानी पाकिस्तान आने से भारतीय खिलाड़ी भी ख़ुश और पाकिस्तानी जनता भी ख़ुश. |
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