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ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भारतीय टीम की परीक्षा
भारतीय टीम जब गुरुवार को ब्रिस्बेन में पहले क्रिकेट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैदान पर उतरेगी. उसके सामने चुनौती होगी ऑस्ट्रेलिया की धरती पर दो दशकों से कोई टेस्ट नहीं जीत पाने के कलंक को धोना. भारत को ऑस्ट्रेलिया में दो दशकों से जीत नसीब नहीं हुई है, जबकि ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया पिछले 15 वर्षों से लगातार जीती ही है, कभी हारी नहीं. और इसमें कोई शक नहीं कि कप्तान स्टीव वॉ की अंतिम टेस्ट श्रृंखला को यादगार बनाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे. चुनौती भारत उसी सूरत में प्रतिद्वंद्वी को चुनौती पेश कर सकता है जब सचिन तेंदुलकर की अगुवाई वाली उसके बल्लेबाज़ों की फ़ौज क़ामयाब हो पाए.
ज़ाहिर है भारतीय बल्लेबाज़ ऑस्ट्रेलियाई टीम में ग्लेन मैकग्राथ, ब्रेट ली और शेन वार्न की कमी का भरपूर फ़ायदा उठाने की कोशिश करेंगे. वैसे तेज़ पिचों पर उनके लिए जैसन गिलेस्पी, एंडी बिकल, ब्रैड विलियम्स या नाथन ब्रैकन से पार पाना भी कोई आसान नहीं होगा. स्टीव वॉ ने मैच के बारे में कहा, "हमलोगों में इस बात पर आम राय है कि उनके अधिकांश बल्लेबाज़ों को कैसे आउट किया जाए." |
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