महेंद्र सिंह धोनी: 'पल दो पल का शायर हूं' ..कहते हुए कहा क्रिकेट को अलविदा

एमएस धोनी

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महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का एलान किया है. उन्होंने इंस्टाग्राम के अपने पोस्ट के ज़रिए इसका एलान किया है.

महेंद्र सिंह धोनी ने इंस्टाग्राम पर लिखा है, 'आप लोगों के प्यार और सहयोग के लिए धन्यावाद. शाम 7.29 बजे से मुझे रिटायर समझा जाए.'

उन्होंने अपने इस पोस्ट में अपने करियर के तमाम उतार चढ़ाव को 'मैं पल दो पल का शायर हूं' गाने से बड़े ही ख़ूबसूरत अंदाज़ में दिखाया.

इसके साथ ही बीते 15-16 सालों से भारतीय क्रिकेट में चला आ रहा धोनी का करिश्माई युग ख़त्म हो गया है. हालांकि इस सीजन आईपीएल में वे एक बार फिर से चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से मैदान में जलवा दिखाते दिखेंगे.

वे भारतीय क्रिकेट के सबसे कामयाब कप्तान रहे.

वर्ल्ड क्रिकेट में भी महेंद्र सिंह धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने आईसीसी की तीनों बड़ी ट्रॉफ़ी पर कब्ज़ा जमाया है.

धोनी की कप्तानी में भारत आईसीसी की वर्ल्ड-टी20 (2007 में), क्रिकेट वर्ल्ड कप (2011 में) और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी (2013 में) का खिताब जीत चुका है. इतना ही नहीं 2009 में उन्होंने भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन बनाया. इस स्थान पर भारत लगभग 600 दिनों तक बना रहा. धोनी ने भारत को घरेलू मैदानों पर 21 टेस्ट मैचों में जीत दिलाई. यह किसी भी भारतीय का सबसे बेहतर रिकॉर्ड है.

धोनी ने सबसे ज़्यादा 332 इंटरनेशनल मैचों में टीम की कप्तानी की है. इतना ही नहीं धोनी ने विकेट के पीछे 195 लोगों को स्टंप आउट किया है. यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

धोनी ने भारत की ओर से 350 वनडे मैच खेले जिनमें उन्होंने 50 से ज़्यादा की औसत से 10,773 रन बनाए. वनडे क्रिकेट में धोनी 10 शतक और 73 अर्धशतक बनाए. इसके साथ ही उन्होंने विकेटकीपर के तौर पर 321 कैच लपके और 123 खिलाड़ियों को स्टंप आउट किया.

वहीं टी-20 क्रिकेट में धोनी ने भारत की ओर से 98 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 37 से ज़्यादा की औसत से 1617 रन बनाए.

टेस्ट क्रिकेट से एमएस धोनी ने 2014 में ही संन्यास ले लिया था. 90 टेस्ट मैचों में धोनी ने 38 से ज़्यादा की औसत से 4876 रन बनाए. टेस्ट मैचों में धोनी ने विकेट के पीछे 256 कैच लपके और 38 स्टंप किए. बल्लेबाज़ के तौर पर उन्होंने छह शतक और 33 अर्धशतक जमाए.

उनके सन्यास लिए जाने पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने इसे एक युग का अंत बताया है. गांगुली के मुताबिक धोनी की कप्तानी के गुण की बराबरी कर पाना संभव नहीं होगा. दिलचस्प यह है महेंद्र सिंह धोनी को इंटरनेशनल क्रिकेट में लेकर 2004 में कप्तान रहे सौरव गांगुली ही आए थे.

वहीं बीसीसीआई सचिव जय शाह ने धोनी को आधुनिक युग का सबसे महान खिलाड़ी बताया है.

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