ISWOTY: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला खिलाड़ियों ने अब तक कितने पदक जीते हैं?

साल 1951 से अब तक अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने 698 पदक जीते हैं. पदकों की संख्या के बारे में बीबीसी का विश्लेषण बताता है कि 5 नवंबर 2019 तक भारतीय महिला खिलाड़ियों ने 201 स्वर्ण, 240 रजत और 257 कांस्य पदक जीते हैं.

भारतीय महिला खिलाड़ियों ने कहां सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया?

सबसे ज़्यादा पदक एशियाई ग्रीष्मकालीन खेलों में जीते गए.

1951 से भारतीय महिला खिलाड़ियों ने कुल 206 पदक जीते हैं. एशियाई ग्रीष्मकालीन खेल हर चार साल में आयोजित किए जाते हैं.

2014 और 2018 के पिछले दो आयोजनों में भारतीय महिलाओं ने 67 पदक जीते.

कॉमनवेल्थ खेलों में भी भारतीय महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन दर्ज कराया है. साल 1978 के कॉमनवेल्थ खेलों से अब तक भारतीय महिलाएं कुल 160 पदक जीत चुकी हैं.

कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय महिलाओं ने कुल 58 स्वर्ण, 61 रजत और 38 कांस्य पदक जीते.

आयोजन पर क्लिक करके उस साल जीते गए पदकों के बारे में जानिए

किस खेल में सर्वाधिक पदक जीते गए?

भारत ने एथलेटिक्स, निशानेबाज़ी और तीरंदाज़ी में सर्वाधिक पदक जीते. भारतीय महिलाओं ने एथलेटिक्स में कुल 156, निशानेबाज़ी में 137 और कुश्ती में 73 पदक जीते.

बैडमिंटन (70), हॉकी (10), तीरंदाज़ी (65) और बॉक्सिंग (45) भी ऐसे खेल हैं, जिनकी पदक सूची में भारतीय महिलाओं का दबदबा रहा.

कार्यपद्धति

यह डेटाबेस तैयार करने के लिए बीबीसी की डेटा टीम ने स्थानीय और वैश्विक स्तर की उन प्रतियोगिताओं के आंकड़े खंगाले, जिनमें भारतीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और पदक (स्वर्ण, रजत और कांस्य) जीते.

भारतीय महिलाओं ने साल 1951 में पहली बार पदक जीते थे, इसलिए इस डेटाबेस की शुरुआत 1951 से हुई है. यहां आप हर प्रतियोगिता, खेल और विश्वकप की सूची देख सकते हैं.

बीबीसी की डेटा टीम ने डेटाबेस में अधिकतम पदक शामिल करने की कोशिश की है. यदि हमसे कोई आयोजन छूट गया हो, तो कृपया हमें सूचित करें, ताकि हम उसे सूची में शामिल कर सकें.

इस डेटाबेस में क्रिकेट विश्वकप और प्रतियोगिताओं का डेटा शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि इन खेलों में पदक नहीं दिए जाते हैं.

किसी खेल में जब कोई टीम जीत दर्ज करती है, तो टीम के हर सदस्य को पदक दिया जाता है. जैसे, यदि हॉकी टीम किसी आयोजन में पदक जीतती है, तो टीम के हर सदस्य को उसके नाम के साथ पदक दिया जाता है. इससे डेटाबेस में पदकों की कुल संख्या पर असर नहीं पड़ता है. ऐसा टीम के हर सदस्य को आश्वस्त करने के लिए किया जाता है कि टीम की जीत में उनका भी योगदान है.

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विश्लेषण: शादाब नज़मी

डेटा सपोर्ट: अन्या आफ़ताब

डिवेलपमेंट: ओली पैटिन्सन और ध्रुव नेनवानी

इन्फोग्राफिक: गगन नरहे, निकिता देशपांडे और पुनीत बरनाला

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