You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
विराट ने बताया, क्यों थी पंड्या को चौथे नंबर पर उतारने की ज़िद?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को बेंगलुरू में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 21 रनों से जीत दर्ज की. 335 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 313 रन ही बना सकी.
इस हार के साथ ही भारतीय टीम लगातार 10 जीत का रिकॉर्ड बनाने से भी चूक गई. हालांकि पांच मैचों की सिरीज़ के शुरुआती तीन मुक़ाबले जीतकर भारत सिरीज़ पहले ही अपने नाम कर चुका है.
अच्छी शुरुआत
335 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय की शुरुआत टीम अच्छी रही थी. अजिंक्या रहाणे (53) और रोहित शर्मा (65) की सलामी जोड़ी ने 106 रन जोड़ कर भारत को जीत की राह पर डाला था.
रहाणे के आउट होने के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए कप्तान विराट कोहली (21) ने भी तीन चौके लगाए, लेकिन वे रोहित शर्मा के साथ विकेट के बीच सही तालमेल नहीं बैठा सके. जिस वक्त रोहित आक्रामक रूप अख्तियार कर ही रहे थे तभी वे रन आउट हो गए.
जब चौथे नंबर पर आए पंड्या
जब रोहित शर्मा आउट हुए उस समय भारतीय टीम को 27 ओवर में जीत के लिए 200 रनों की दरकार थी. यह मैच का सबसे महत्वपूर्ण समय था. टीम को एक मजबूत पार्टनरशिप की जरूरत थी.
कप्तान विराट के पास विकल्प के रूप में दिग्गज और अनुभवी बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी अभी ड्रेसिंग रूम में मौजूद थे. लेकिन विराट ने हार्दिक पंड्या पर भरोसा जताया और उन्हें चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए चुना.
हालांकि कुछ देर बाद ही कोहली खुद कुल्टर नाइल की गेंद पर बोल्ड हो गए. और मैच जिताने की जिम्मेदारी पंड्या और केदार जाधव के कंधो पर आ गई.
पंड्या और जाधव ने चौथे विकेट के लिए अच्छी साझेदारी की. दोनों ने मिलकर 78 रन जोड़े. पंड्या ने 40 गेंदों में 41 रनों की पारी खेली. वे छक्का लगाने की कोशिश में जैम्पा की गेंद पर कैच आउट हुए. जाधव ने भी 69 गेंदों में 67 रन बनाए. लेकिन ये तमाम कोशिशें भारत को लक्ष्य तक नहीं पहुंचा सकी.
पंड्या को चौथे नंबर पर उतारने की रणनीति
मैच के बाद विराट कोहली ने बताया कि आखिर क्यों मैच के सबसे महत्वपूर्ण समय में उन्होंने 23 साल के युवा हार्दिक पंड्या को मैदान में उतारा.
कोहली ने बताया कि, ''हमने सोचा था कि वे (पंड्या) स्पिनर पर अटैक करेंगे और रन गति को तेज कर देंगे, उन्होंने पिछले मैच में भी ऐसा ही किया था. ऐसा होने पर ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने बॉलिंग अटैक में बदलाव करती और तेज़ गेंदबाजों को सामने ले आती. इस पिच में तेज गेंदबाजों को खेलना ज्यादा आसान था.''
कोहली ने कहा, ''पंड्या ने इस मैच में भी अच्छी बल्लेबाजी की, हम आगे आने वाले मैचों में उन्हें इस स्थान पर खेलाएंगे. हो सकता है कि वे चौथे नंबर पर हमारे नियमित बल्लेबाज बन जाएं.''
कोहली ने पंड्या की बल्लेबाज़ी की तारीफ की और कहा, ''उनकी बल्लेबाज़ी काफी मजबूत है, वे पुछल्ले बल्लेबाजों की तरह महज हवाई शॉट नहीं लगाते. उनके पास बेहतर तकनीक है. अगर वे मैच को अंत तक ले जाना और खत्म करने का गुर सीख जाते हैं तो वे चौथे नंबर पर हमारे लिए महत्वपूर्ण बल्लेबाज बन जाएंगे.''
क्या पंड्या हैं राइट च्वाइस?
चौथे मैच में हार के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या हार्दिक पंड्या इस पोजीशन पर खेलने के लिए उपयुक्त खिलाड़ी हैं. वह भी उस वक्त पर जब महेंद्र सिंह धोनी टीम में शामिल हैं.
टीम में चौथे नंबर की पोजीशन हमेशा से ही काफी महत्पवपू्र्ण समझी जाती है. चौथे नंबर के बल्लेबाज के चारों तरफ ही मिडल ऑडर की पूरी धुरी घूमती है, साथ ही इस बल्लेबाज के अंदर निचलेक्रम के बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करने का हुनर भी होना चाहिए.
युवराज सिंह और सुरेश रैना के बाहर होने के बाद भारतीय मिडल ऑडर में यह स्थान खाली सा हो गया है. महेंद्र सिंह धोनी समय-समय पर इस स्थान पर उतरते रहे हैं और चौथे नंबर पर उनका औसत 58.23 का है. वे कुल 26 मैचों में चौथे नंबर पर खेलने उतरे जिसमें उन्होंने 1223 रन बनाए हैं.
भारत की विश्वकप 2011 जीत के हीरो रहे युवराज सिंह की बात करें तो वे 108 मैचों में इस पोजीशन पर खेलने उतरे जिसमें उन्होंने 35.20 की औसत से 3415 रन बनाए हैं.
पंड्या को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेले गए तीसरे वनडे मैच में भी चौथे नंबर पर उतारा गया था, वहां उन्होंने 72 गेंदों में 78 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और वे मैन ऑफ द मैच भी चुने गए थे.
देखना दिलचस्प होगा की आने वाले वक्त में क्या पंड्या कप्तान कोहली की इस चौथे नंबर की रणनीति में सफल हो पाते हैं या नहीं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)