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रेल बजट: एक नज़र में
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सफ़र हुआ सस्ता
 
 
 
 
 
 
 
 
रेल बजट:एक नज़र में
रेल बजट:एक नज़र में
 

रेल बजट:एक नज़र में

 

रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने जब अपने परिचित अंदाज़ में वित्त वर्ष 2007-08 का रेल बजट पेश करना शुरू किया, तभी ये संकेत मिल गए कि वो किराए में कोई वृद्धि नहीं करने जा रहे हैं क्योंकि वे बार-बार विपक्ष की ओर इशारा कर बजट को 'ग़रीबपरस्त' बता रहे थे.

बजट में दूसरे दर्जे के दैनिक टिकट किराए में प्रति यात्री एक रूपए की कमी की गई है. साथ ही नए डिज़ाइन के बने डिब्बों में सफ़र करने वाले यात्रियों को अब सभी श्रेणियों के लिए कम पैसे देने होंगे. नए डिजाइन के स्लीपर क्लास कोच में चार प्रतिशत की कमी होगी जबकि एसी थ्री और एसी चेयरकार के किराए में कम भीड़भाड़ वाले समय में आठ फ़ीसदी और व्यस्त सीजन में चार फ़ीसदी की कमी की गई है.

एसी प्रथम श्रेणी के टिकट पर अब कम भीड़भाड़ वाले समय में चार प्रतिशत और व्यस्त सीजन में दो प्रतिशत की रियायत मिलेगी. एसी के दूसरे दर्जे के टिकट के लिए अब कम भीड़भाड़ वाले समय में चार प्रतिशत और व्यस्त सीज़न में दो प्रतिशत कम पैसे देने होंगे.

साथ ही सुपर फास्ट ट्रेन के दूसरे दर्जे के टिकट पर लगने वाले सुपर फास्ट चार्ज में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी. इंटरनेट के ज़रिए टिकटों की बिक्री बढ़ाने के मक़सद से स्लीपर क्लास के ई-टिकट पर लगने वाला चार्च 25 रुपए से घटाकर 15 रुपए और एसी क्लास क्लास के ई-टिकट पर लगने वाला चार्च 40 रुपए से घटाकर 20 रुपए कर दिया गया है.

किरायों में कमी की घोषणा करते हुए लालू यादव ने ये शेर पढ़ा -
दौरे महँगाई में रेल सस्ती रखी,
पर कमाई में कोई कमी ना रखी.
 
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