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सोशल: 'पहले जो ट्रेन हैं, उन्हें तो पटरी पर रोक लो'
जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे ने भारत की पहली हाई-स्पीड ट्रेन के कामकाज का उद्घाटन कर दिया है.
इस परियोजना की ज़्यादातर फ़ंडिंग जापान से मिलने वाले 17 अरब डॉलर के लोन से होगी. ये बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच दौड़ेगी.
लेकिन सोशल मीडिया पर एक तरफ़ जहां बुलेट ट्रेन की तारीफ़ हो रही है वहीं इसे लेकर तंज़ भी कसे जा रहे हैं.
वजह ये है कि बीते कुछ दिनों में रेलगाड़ियों के पटरी से उतरने की कई घटनाएं सामने आई हैं.
यहां तक कि पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
लोग क्या कुछ कह रहे हैं, गौर कीजिए.
रोलिंग जॉइंट हैंडल से लिखा गया है, ''बुलेट ट्रेन का क्या...पहले जो है उनको तो पटरी पर रोक लो यार.''
भवेश ने लिखा है, ''मुझे नहीं लगता कि भारत को बुलेट ट्रेन की ज़रूरत है, इसमें भारी निवेश होगा जिसे रेलवे इंफ़्रास्ट्रक्चर सुधारने में इस्तेमाल किया जा सकता है.''
सुंदर ने तंज़ कसते हुए लिखा है, ''साल 2022 की ख़बर: मैंटेनेंस की वजह से बुलेट ट्रेन पटरी से उतर गई.''
गुरुवार को जब गुजरात में ये कार्यक्रम शुरू हो रहा था, उससे पहले ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन पटरी से उतर गई.
अरुण सिंह ने लिखा है, ''बुलेट ट्रेन प्रतीकात्मक है. अगर मोदी को रेलवे की फ़िक्र होती तो उन्हें ट्रेन के देर से चलने की चिंता होती.''
उन्होंने आगे लिखा है, ''उन्हें उस खाने की चिंता होनी चाहिए जो ट्रेनों में मिलता है. बुलेट ट्रेन कुछ नहीं, महज़ चुनावी एजेंडा है.''
इस बीच कुछ लोग आईआरसीटीसी पर निशाना साध रहे हैं. रमेश ने लिखा है, ''बुलेट ट्रेन को लेकर उत्साहित हूं. आईआरसीटीसी के पास पांच साल ये सुनिश्चित करने के लिए हैं कि टिकट बुक कराने में सफ़र से ज़्यादा वक़्त ना लगे.''
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