You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सोशल: 'गधे से प्रेरणा, मोदी जी ये रिश्ता क्या कहलाता है?'
उत्तर प्रदेश के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि गधा भी प्रेरणा देता है.
इससे पहले गुजरात के जंगली गधों का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने अमिताभ बच्चन से कहा था, ''सदी के महानायक गधे का प्रचार न करें.''
इस मामले में बयानबाज़ी बढ़ती गई और प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कहा कि 'गधा मालिक के प्रति वफ़ादार होता है और ज़िम्मेदारियों को निभाता है.'
गधे से प्रेरणा वाले मोदी के बयान की सोशल मीडिया पर भी चर्चा है. पढ़िए किसने क्या लिखा?
अभिजीत ने इस बयान और चुनावी नतीजों को जोड़कर देखा.
फेयरी नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ''जो खेतों में दिखे वो फ़सली गधा है, जो माइक पे चीखे वो असली गधा है.'' इस ट्वीट को आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी री-ट्वीट किया.
तरुण कृष्णा ने फेसबुक पर लिखा, ''पीएम मोदी ने आज मान लिया कि वो गधे से प्रेरणा लेते हैं. अप्रत्यक्ष तौर पर वो ये मान रहे हैं कि व्हाट्स ऐप पर जोक पढ़कर भाषण देने वाले वो देश के पहले प्रधानमंत्री हैं.''
स्कल बाबा नाम के ट्विटर हैंडल ने मोदी के बयान पर इस तरह तंज किया.
वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह फेसबुक पर लिखते हैं, ''ये राजनीति का गदहा काल है.''
मोहम्मद अरमान ने लिखा, ''सोच रहा हूं एक ठो गधा पाल लूं. क्या भरोसा आगे चलकर कोई मंत्री ही बन जाए.''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)