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'इमोशनल अत्याचार के लिए मां बड़ा हथियार'
500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं.
बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की अच्छी खासी भीड़ है. इस बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी चार हजार रुपये बदलने के लिए बैंक पहुंची. हीराबेन के बैंक पहुंचने की खबर सोशल मीडिया पर छाई रही.
कुछ लोग इसे प्रधानमंत्री मोदी का हथकंडा बता रहे हैं. कुछ लोग इस बात को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और हीराबेन को सलाम कर रहे हैं. पढ़िए किसने क्या-क्या कहा?
राजीव राय लिखते हैं, ''देश के प्रधानमंत्री की मां. पैसे लेने के लिये खुद बैंक पहुंची. सलाम एवं नमन.''
तरुण कृष्णा ने फेसबुक पर लिखा, ''इस देश में इमोश्नल टॉर्चर के लिए मां आखिरी और सबसे बड़ा हथियार है!''
@iammrzaid ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ''हीराबेन मोदी बैंक गईं. राहुल गांधी भी गए थे. ये सब राजनीति के हथकंडे हैं. ताकि लोगों के लगे कि इनमें और हम में कोई फर्क नहीं है.''
दिव्या ने ट्विटर पर लिखा, ''इसे कहते हैं 56 इंच के सीने को पैदा करने वाली की मां हीराबेन मोदी. गर्व है कि एक ऐसा प्रधानमंत्री है, जिसकी मां बैंक गईं. देखा राहुल गांधी?''
नितिन ठाकुर ने फेसबुक पर लिखा, ''अपने बचाव में अभिनय करने को मैं उतना बुरा नहीं मानता. लेकिन 97 साल की मां को लाइन में लगा देना कुछ ज्यादा ही हो गया.''
@tamildas8 ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ''94 की उम्र में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां एटीएम की कतार में खड़ी हो सकती हैं. तो हम सब क्यों नहीं हो सकते?''
मोहम्मद असगर फेसबुक पर लिखते हैं, ''जो लोग पीएम मोदी की मां को पकड़कर बैंक लेकर गए. क्या वो ही पैसे बदलकर नहीं ला सकते थे.''
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