'एलियन से संपर्क नहीं हुआ'

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अमरीकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि दूसरे ग्रह के किसी प्राणी से कोई संपर्क कभी नहीं हुआ है.
अमरीकी सरकार ने एक वेबसाइट हज़ारों लोगों की टिप्पणियाँ आने के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया है.
वेबसाइट के ज़रिए लोगों ने माँग की थी कि दूसरे ग्रहों के प्राणियों के बारे में उपलब्ध जानकारियाँ सार्वजनिक की जाएँ और अगर उनसे कोई संपर्क हुआ है तो उसके बारे में बताया जाए.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि दूसरे ग्रहों पर जीवन है.
अमरीकी वैज्ञानिकों के प्रयासों के परिणामों को छिपाए जाने का शक ज़ाहिर करने वाले लोगों का कहना है कि कई अंतरिक्ष अभियान हैं जिनके बारे में जनता को पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है, उन्होंने केप्लर और मार्स साइंस लेबोरेटरी के शोधों का ख़ास तौर पर ज़िक्र किया था.
केप्लर अभियान का उद्देश्य सुदूर अंतरिक्ष में पृथ्वी से मिलते-जुलते ग्रहों की खोज करना है जहाँ जीवन की संभावना हो सकती है.
मार्स लैब भी मंगल ग्रह पर उन परिस्थितियों की खोजबीन में शामिल रहा है जो जीवन के लिए आवश्यक हैं, मगर इन दोनों अभियानों से ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है जो चौंकाने वाली हो.
ऐसा नहीं है कि सब कुछ मनगढंत बातें हैं, दरअसल अमरीकी वैज्ञानिक दूसरे ग्रहों के प्राणियों की खोज का अभियान लंबे समय से चलाते रहे हैं, इनमें से सबसे चर्चित अभियान का नाम है--सर्च फॉर एक्स्ट्रा टेरेसटेरियल इंटेलिजेंस जिसे संक्षेप में 'सेटी' कहा जाता है.
इस अभियान के तहत वैज्ञानिक अंतरिक्ष में ध्वनि संकेत भेजते हैं और अंतरिक्ष से आने वाली ध्वनि तरंगों को सुनने का प्रयास करते हैं.
वैज्ञानिकों और गणितज्ञों का कहना है कि दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता मगर यह संभावना काफ़ी दूर की कौड़ी है, अरबों खरबों तारों में से किसी पर पृथ्वी की तरह जीवन नहीं है इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण पेश करना कठिन काम है.
वैज्ञानिकों का ये भी कहना है कि अगर दूसरे ग्रहों पर जीवन होगा भी तो यह समझना आसान नहीं है कि उसका संपर्क धरती से किस तरह हो पाएगा.












