फ़िलिप गिलेस्पी
एन्ट्रिम काउंटी
प्रिंस हैरी की शादी में आने वालों की फ़ेहरिस्त में पहले नंबर पर आते हैं फ़िलिप गिलेस्पी.
फ़िलिप ने शादी के दिन की पूरी प्लानिंग कर रखी है. वो अपना नीला थ्री पीस सूट पहनेंगे, जो उन्होंने इससे पहले सिर्फ़ एक बार अपने एक दोस्त की शादी में पहना था. सूट के साथ फ़िलिप भूरे रंग के जूते पहनेंगे. अपनी सेना की रेजीमेंट वाली लाल-हरी धारी वाली टाई लगाएंगे. और अपने सेना के मेडल भी वो लगाएंगे.
तीस बरस के फ़िलिप, प्रिंस हैरी की शादी में, पहली बार सेना की नौकरी के दौरान मिले मेडल पहनने वाले हैं. 2013 में उन्हें सेना से छुट्टी दे दी गई थी.
फ़िलिप के लिए सेना की नौकरी छोड़ना बहुत मुश्किल काम था.
असल में फ़िलिप के साथ एक हादसा हुआ था. फ़िलिप को उनके दोस्त बार्ने के नाम से बुलाते हैं. उस वक़्त बार्ने तीसरी बार अफ़ग़ानिस्तान गए थे, अपनी ड्यूटी निभाने. अफ़ग़ानिस्तान में हालात बेहतर हो रहे थे. सड़कें दुरुस्त हो रही थीं. लड़ाई भी काफ़ी कम हो गई थी.
लेकिन 9 जनवरी, 2011 को भयंकर हादसा हुआ. अफ़ग़ानिस्तान में पैदल गश्त पर निकले फ़िलिप का पांव एक बारूदी सुरंग पर पड़ गया था. धमाके से उनका दाहिना पैर उड़ गया. बाएं पैर में भी काफ़ी चोटें आई थीं.
मौक़े पर ही सेना के डॉक्टरों की टीम ने उनका शुरुआती इलाज किया. उस वक़्त फ़िलिप पूरे होश में थे. बाद में उन्हें हेलीकॉप्टर से सेना के एक अस्पताल लाया गया.
इस घटना के बारे में बात करते हुए फ़िलिप ज़रा भी जज़्बाती नहीं होते, जबकि इस हादसे ने उनकी ज़िंदगी बदल दी.
फ़िलिप कहते हैं, 'मैं बड़ी आसानी से उस हादसे के बारे में बात कर लेता हूं. मैंने अपनी नियति को मंज़ूर कर लिया और ज़िंदगी के सफ़र में आगे बढ़ चला.'
फ़िलिप के मुताबिक़ तालिबान ने उनका एक पैर ज़रूर छीन लिया था, मगर फ़िलिप उन्हें अपनी ज़िंदगी नहीं छीनने देना चाहते थे. वो कहते हैं, 'अगर मैं अपनी ज़िंदगी जीना छोड़ देता, तो वो उसे भी छीन लेने में कामयाब हो जाते.'
इस दुर्घटना के बाद के कुछ हफ़्तों में फ़िलिप और उनके परिजनों के लिए कई जज़्बाती और तकलीफ़देह मौक़े आए.
जब उनके पिता के घर पर दस्तक देकर उन्हें बताया गया कि आपके बेटे ने एक पैर गंवा दिया है. फिर जब फ़िलिप की बर्मिंघम के क्वीन एलिज़ाबेथ अस्पताल में अपने पिता से मुलाक़ात हुई, तो वो बहुत भावुक हो गए थे.

फ़िलिप कहते हैं, 'कोई भी अपने पिता के सामने रोकर ख़ुद को कमज़ोर नहीं दिखाना चाहेगा. मैंने बमुश्किल अपने आंसू रोके थे.'
लेकिन, हादसे के बाद कई चौंकाने वाले ख़ुशी के पल भी आए. मसलन, जब वो बस में अफ़ग़ानिस्तान से लौटे और अपने साथियों से मिले.
ये मुलाक़ात फ़िलिप के साथ हुए हादसे के महज़ दो महीने बाद हुई थी. इस दौरान उन्हें बनावटी पैर लगा दिया गया था. फ़िलिप अब बैसाखी की मदद से खड़े हो पाते थे.
उस मुलाक़ात को याद करते हुए फ़िलिप कहते हैं, 'वो मुझे देखकर चौंक गए. उन्होंने जब मुझे आख़िरी बार देखा था, तो मैं ख़ून से लथपथ ज़मीन पर पड़ा हुआ था. मेरा एक पैर उड़ गया था.'
उस दौरान भी फ़िलिप ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा था. उन्हें लग रहा था कि वो ठीक होकर एक बार फिर सेना की ड्यूटी निभाने जा पाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
सेना की नौकरी गंवाना उनके लिए अपनी पहचान का एक हिस्सा गंवाने जैसा था.
उसी दौरान फ़िलिप को पहली बार सैनिकों की मदद के लिए काम करने वाली संस्था एबीएफ के बारे में पता चला.
इस संस्था ने फ़िलिप की गर्लफ्रैंड क्रिस्टी क्रॉफर्ड की उनकी देख-भाल के लिए अस्पताल आने-जाने में मदद की. उन्होंने बैलीमेना में फ़िलिप के घर के बाहर की ढलान पर सीढ़ियां बनाईं और उनके बैठ कर नहाने के लिए एकसीट वाला बाथरूम भी तैयार किया.
फ़िलिप कहते हैं कि ऐसी छोटी-छोटी बातें अख़बारों में सुर्ख़ियां भले न बनती हों. लेकिन इन छोटी चीज़ों से बहुत मदद हो जाती है.
एबीएफ़ ने फ़िलिप को 2013 में सेना से छुट्टी मिलने तक मदद की. उसके बाद से वो एबीएफ़ के लिए ब्रैंड एम्बेसडर का काम कर रहे हैं.
हमने गुणा-भाग करने पर पाया कि फ़िलिप ने एबीएफ़ के लिए चंदे वाली डिनर पार्टियों में शामिल होने से लेकर पांच चोटियां चढ़ने की चुनौती लेने तक और अफ़्रीका की किलीमंजारो चोटी की चढ़ाई करने तक, क़रीब 50 हज़ार पाउंड की रक़म जुटाई है.
सेना से निकलने के बाद भी फ़िलिप वहां का एक सबक़ हमेशा याद रखते हैं, ख़ुद को फ़िट रखने का. फ़िलिप इस वक़्त आउटडोर इंस्ट्रक्टर का काम कर रहे हैं और अब बिना पैसे के आर्मी कैडेट फ़ोर्स के रंगरूटों को ट्रेनिंग देने का काम शुरू किया है.
फ़िलिप कहते हैं, 'भले ही अब मैं 15 मील की दौड़ न लगा सकूं, पर कुछ न कुछ तो कर सकता हूं.'
अपनी इस छोटी सी कोशिश से ही फ़िलिप गिलेस्पी को उम्मीद है कि वो इस साल अक्टूबर में होने वाले 'इन्विक्टस गेम्स' में तीरंदाज़ी और नौकायन के मुक़ाबलों में हिस्सा ले सकेंगे.
'इन्विक्टस गेम्स' की शुरुआत प्रिंस हैरी ने ही की थी. इसमें घायल, चोटिल और बीमार सैनिक और पुराने सैनिक खेल के मुक़ाबलों में हिस्सा लेते हैं.
फ़िलिप कहते हैं, 'यूनियन जैक (ब्रिटेन का झंडा) पहनना बहुत गर्व की बात है. मुझे अपने देश की नुमाइंदगी करके बहुत ख़ुशी होगी.'
जब हम बात करते हुए चलते हैं, तो फ़िलिप के हाव-भाव से लेकर बोलने तक में देशभक्ति का भाव साफ़ झलकता है.
फ़िलिप कहते हैं, 'शाही परिवार के लिए मेरे पास बहुत वक़्त है. जब हम सेना में शामिल होते हैं, तो महारानी के प्रति वफ़ादारी की क़सम खाते हैं.'
फ़िलिप ऐसे कई सैनिकों को जानते हैं जो राजकुमार हैरी से मिले हैं. सभी का कहना है कि प्रिंस हैरी बहुत मिलनसार और ज़मीनी तबीयत के इंसान हैं. वो पूर्व सैनिकों का बहुत सम्मान और ख़याल करते हैं.
फ़िलिप कहते हैं कि 'मेरी नज़र में प्रिंस हैरी बहुत अच्छे इंसान हैं'.
अब शाही शादी के लिए फ़िलिप की तैयारी तो पूरी हो चुकी है. लेकिन, उनकी गर्लफ़्रेंड क्रिस्टी अभी तक कुछ तय नहीं कर पाई हैं.
एक पखवाड़े पहले ही, क्रिस्टी ने कुछ दुकानों में जाकर अपने लिए कुछ कपड़े देखे थे. उनमें से कुछ क्रिस्टी को पसंद भी आए थे.

फ़िलिप और उनकी गर्लफ्रैंड उन दोस्तों के साथ शादी में शरीक होंगे, जिन्हें न्योता मिला है. ये चारों लोग पिकनिक पर साथ होंगे. और इस दौरान उनका इरादा मशहूर इतालवी शराब प्रोकेको के जाम टकराने का है.
प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल ने दो साल से भी कम वक़्त साथ गुज़ारने के बाद शादी करने का फ़ैसला कर लिया. ऐसे में सवाल ये भी बनता है कि नौ साल से साथ रह रहे फ़िलिप और क्रिस्टी भी क्या अब शादी करेंगे?
इस सवाल के जवाब में फ़िलिप हंसते हुए कहते हैं, 'हम ने कई बार इन सवालों का सामना किया है. इस बारे में हम जल्द ही बात करेंगे.'

जोर्जा फ़र्ज़
कैम्ब्रिजशर
12 बरस की जोर्जा स्कूल से लौटीं, तो अपनी टाई उतारी और कूदकर सोफ़े पर बैठ गईं.
बजेरिगार्स के संगीत और परिवार के छह कुत्तों के भौंकने के शोर के बीच जोर्जा मुझे वो लम्हा बताती हैं, जब उनकी मां ने बताया कि जोर्जा को प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल की शाही शादी का न्योता मिला है.
उस दिन को याद करते हुए जोर्जा कहती हैं, 'मैं ख़ुशी के मारे इतनी ज़ोर से चीखी थी कि शायद पड़ोसियों की नींद भी खुल गई होगी.'
जोर्जा को ये बात अगले पांच दिनों तक किसी को भी बताने से मना किया गया था. लेकिन जोर्जा ईमानदारी से बताती हैं, 'मैं ने अपनी बेस्ट फ्रेंड को बता दिया था.'
न्योता मिलने के बाद जोर्जा के ज़हन में पहला ख़याल आया कि शादी में जाने के लिए कौन सी ड्रेस पहनेंगी. जोर्जा की मां गैब्रिएल बताती हैं कि क़रीब दस घंटे तक ऑनलाइन तलाश करने के बाद आख़िरकार उन्हें एक ड्रेस पसंद आ ही गई.
शाही शादी में जोर्जा काले रंग की ड्रेस पहनेंगी, जिसका गला हार्ट स्टाइल का है. वो एकचमकदार हील वाला जूता पहनेंगी और सिर पर गुलाबी रंग की ब्लेड डालेंगी.
जोर्जा जन्म से ही विकलांग हैं. बचपन से ही उनका अस्पताल आना-जाना लगा रहा है. उनके साल में औसतन दो ऑपरेशन होते रहे हैं.
जोर्जा कहती हैं, 'ये कोई उपलब्धि तो नहीं है, पर मुझे इस पर गर्व महसूस होता है.'
जोर्जा एम्नियोटिक बैंड सिंड्रोम से पीड़ित हैं. इस बीमारी में बच्चा जब मां के पेट में होता है, तो कुछ मांसपेशियां बच्चे के पांव से लिपट जाती हैं. इससे बच्चे के पैर को ख़ून की सप्लाई रुक जाती है.
जब गैब्रिएल को 20 हफ़्ते का गर्भ था, तो स्कैनिंग के दौरान पता चला कि आने वाले बच्चे का एक पांव है ही नहीं.
लेकिन, जोर्जा के मां-बाप को जन्म के समय तक असल हालात का पता नहीं था. जब वो पैदा हुईं, तो जोर्जा की कुछ उंगलियां मुड़ी हुई थीं, या उनकी ग्रोथ रुक गई थी.
जब जोर्जा एक साल की थीं, तब उन्हें पहली बार प्रोस्थेटिक या बनावटी पैर लगाया गया था, उन्होंने बहुत जल्द इसकी मदद से चलना सीख लिया था.
लेकिन, जैसे-जैसे वो बड़ी हुईं, तो पता चला कि आम बच्चों की तरह वो दौड़ या खेल-कूद नहीं सकती थीं.
मां गैब्रिएल बताती हैं, 'जोर्जा दौड़ नहीं सकती. बच्चों के बनावटी पैर मुड़ते नहीं हैं, सो वो साइकिल भी नहीं चला सकीं.'
कई बार तो उनके पैर के सिरे में इतना तेज़ दर्द होता है कि जोर्जा को मॉरफ़ीन की ख़ुराक लेनी पड़ती है.
और बचपन से लेकर उनके साथ लोग दादागीरी करते आए हैं. जोर्जा बताती हैं कि वो लोगों को अक्सर अपने बारे में दबे मुंह बात करते सुनती आई हैं.
जोर्जा की डांस टीचर ने कहा था कि वो कभी भी हिरनी की तरह नहीं नाच पाएंगी क्योंकि वो तो अपने पांव की नोंक पर नहीं चल सकतीं.
जोर्जा ने शैतान निगाहों से पूछा, 'मैंने उन्हें अपना बनावटी पैर उठा कर दे मारा था. क्या मैंने कुछ ग़लत किया?'

कई साल पहले गैब्रिएल और जोर्जा की अपने घर के पास एक परिवार से मुलाक़ात हुई.
उनके पिता का पैर ऐसे ही कटा हुआ था. वो लोग बात करने लगे कि ऐसे पांव वाले लोगों से मिलना कितना अजीब है.
उस मुलाक़ात का फ़ायदा ये हुआ कि उन लोगों ने मिलकर ऐसे एक पांव वाले लोगों और उनके परिजनों की मदद के लिए एक ग्रुप बनाने का फ़ैसला किया. इस तरह से स्टील बोन्स नाम की संस्था बनाई गई.
जोर्जा इस संस्था की युवा दूत बन गईं. जोर्जा अब ऐसे लोगों से मिलकर उन्हें मशविरे दिया करती हैं. हाल ही में उन्होंने 15 साल के एक लड़के और उसकी मां की मदद की.
वो लोग इस बात से परेशान थे कि पैर कटने के बाद जब वो स्कूल लौटेगा, तो लोग उसे परेशान करेंगे. जोर्जा ने उस लड़के को बताया कि हां उसे तंग किया जाएगा.
जोर्जा ने उससे कहा, 'कोई न कोई तुम्हारे बारे मे ऊटपटांग बातें कहकर तुम्हें नीचा दिखाने की कोशिश करेगा.'
फिर जोर्जा ने उसे ऐसे हालात से निपटने की सलाह दी.
जोर्जा कहती हैं, 'मैं लोगों की मदद करने की हर मुमकिन कोशिश करती हूं. ऐसे लोगों और उनके परिवार के लोगों से मिलना और बात करना अच्छा लगता है. ये मुझे एक बेहतर इंसान बनाता है.'
मां गैब्रिएल कहती हैं, 'मुझे नहीं पता कि जोर्जा में हमदर्दी का ये जज़्बा कहां से आता है. मेरे साथ ऐसा होता, तो मै सोचती कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ. मगर, जोर्जा सोचती है कि मैं क्यों नहीं मददगार बन सकती.'
स्टील बोन्स के लिए जोर्जा दूसरा जो काम करती हैं, वो है चंदा जुटाना. स्टील बोन्स को जोर्जा के स्कूल में उनकी क्लास की चैरिटी वाली संस्था के तौर पर चुना गया है.
मई महीने में एक दिन सोहम विलेज कॉलेज ने सुबह की प्रार्थना सभा के बजाय टेनिस कोर्ट में इकट्ठे होकर स्टील बोन्स के लिए चंदा जुटाने का फ़ैसला किया.
इस दौरान छात्रों ने जोर्जा की संस्था के लिए अपने छुट्टे पैसों से 574 पाउंड की रक़म जुटा ली. इस बात पर ख़ूब तालियां बजीं.
अपनी कोशिशों को बयां करने के लिए कॉलेज कैंपस में ड्रोन छोड़कर स्टील बोन्स के नाम का डंका बजाया जाता है. इस पूरे मंज़र को छात्र कैमरे में क़ैद कर लेते हैं.
जोर्जा की ख़्वाहिश एक्टिंग करने की है. वो ख़ूब बतियाती हैं. मज़ेदार शख़्सियत की मालकिन हैं. उनमें ग़ज़ब का आत्मविश्वास दिखता है. ये 12 साल के किसी भी बच्चे में आम तौर पर नहीं देखने को मिलता.
जोर्जा फ़र्ज़ ने ये पक्का इरादा कर रखा है कि वो भविष्य मे विकलांगों की और अच्छी तस्वीर दिखाकर ही रहेंगी.
जब कैम्ब्रिज के पास स्थित इस्लेहम गांव में जोर्जा से बातें कर रहे थे, तब उनकी मां गैब्रिएल एक सरकारी सा दिखने वाला लिफ़ाफ़ा लेकर आईं. ये जोर्जा के नाम से था, जो सुबह ही आया था.
ये कैम्ब्रिजशर के लॉर्ड लेफ्टिनेंट के दफ़्तर की तरफ़ से आया 150 पाउंड का चेक था.
ये रक़म इसलिए भेजी गई थी ताकि जोर्जा और उनकी मां शाही शादी को अच्छे से एन्जॉय कर सकें.
गैब्रिएल सलाह देती हैं कि इन पैसों से जोर्जा अपने लिए झुमके ख़रीद लें, जो उन्हें बहुत पसंद आए थे.

लेकिन, जोर्जा का इरादा कुछ और ही है. वो इन पैसों से अपनी नैनी के लिए कुछ ख़रीदना चाहती हैं. साथ ही वो अपने भाई को एक खिलौना ख़रीदकर देना चाहती हैं.
जोर्जा के छोटे भाई का नाम लुसियन है. वो पांच बरस का है. जिस वक़्त भाई-बहन मौज-मस्ती कर रहे हैं, उसी वक़्त फ़ोन की घंटी बजती है.
ये फ़ोन जर्मन टीवी से आया है, जो जोर्जा का इंटरव्यू करना चाहते हैं. फ्रेंच टीवी, गुड मॉर्निंग अमरीका और सीएनएन ने भी जोर्जा से बात करने के लिए वक़्त मांगा है.
जब मैंने जोर्जा से पूछा कि क्या वो मशहूर हो गई हैं? जवाब में वो कहती हैं, 'शायद.'
मां गैब्रिएल भविष्यवाणी करती हैं कि शादी वाले दिन जोर्जा सुबह तीन बजे ही उठ जाएंगी, ताकि वो शाही शादी के लिए अच्छे से तैयार हो सकें.
मां-बेटी शादी में ले जाने के लिए खीरे का सैंडविच बनाने की सोच रही हैं. लेकिन उन्हें चिंता है कि अगर ये पॉश सैंडविच न हुआ, तो शायद सुरक्षाकर्मी उन्हें सैंडविच अंदर ही न ले जाने दें.
प्रिंस हैरी, ब्रिटिश शाही परिवार में जोर्जा का सबसे पसंदीदा शख़्स हैं. उनकी निगाह इस बात पर होगी कि आख़िर शादी के दिन मेगन क्या पहनने वाली हैं.
अपने घर में शादी के दिन पहनी जानेवाली ड्रेस के साथ इतराते हुए जोर्जा फ़र्ज़ कहती हैं, 'उन्होंने ये अच्छा किया है कि शादी में नेताओं को नहीं बुलाया. अब देखिए, मैं तो शाही शादी में जा रही हूं, मगर अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप नहीं शामिल हो पाएंगे.'

लॉरा गिल्स
वोर्सेस्टरशर
लॉरा और उनकी मां हेलेन, इस वक़्त लंदन के वेस्ट एंड इलाक़े में शॉपिंग के लिए निकली हैं. उनकी तलाश शाही शादी के लिए एक परफेक्ट लिबास की है.
उनके साथ टीवी की टीम भी चल रही है. जब मां-बेटी शो रूम में ड्रेस तलाश रही होती हैं, तो उनकी स्टाइलिस्ट उन कपड़ों को छांटकर अलग कर देती है, जो इस मौसम के हिसाब से ठीक नहीं होंगे.
31 साल की लॉरा इस ज़िद पर अड़ी हैं कि शादी के मौक़े पर वो कोई ड्रेस नहीं पहनेंगी.
वो पतलून पहनकर शाही शादी में जाना चाहती हैं. लॉरा कहती हैं, 'मैं हमेशा से ही टॉमबॉय रही हूं, यानी मर्दों की तरह के लिबास पहने हैं.'
उनके ज़हन में शादी को लेकर उन्होंने ख़ूब सोच-विचार किया है. और शादी सिर्फ़ प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल की ही नहीं है.
लॉरा और उनके बॉयफ्रेंड रे ने छह महीने तक डेटिंग के बाद हाल ही में सगाई की है. वो अगले साल शादी करने की योजना बना रहे हैं.
लॉरा कहती हैं, 'मैं सिर्फ़ एक दिन ड्रेस पहनूंगी और वो होगा मेरी अपनी शादी का दिन. उसके बाद तो मैं स्कर्ट के साथ लेगिंग पहनूंगी और उसी लिबास में डांस करूंगी.'
लॉरा ऑटिज़्म की बीमारी से पीड़ित हैं. लॉरा के लिए सिर्फ़ शाही शादी के लिए लिबास चुनना ही चुनौती नहीं है.
लंदन के एक व्यस्त चौराहे पर बने पार्क में घास पर बैठी हुई लॉरा, तिरछी निगाहों से सूरज पर निगाह डालती हैं.
वो कहती हैं, 'मेरी नज़र अलग तरह की है. जब मैं ढेर सारे फूल देखती हूं, तो मुझे आम लोगों के मुक़ाबले उन्हें पहचानने में दोगुना वक़्त लगता है.'
शाही शादी में शिरकत करना उनके लिए चुनौती होगी. लेकिन इस दौरान लॉरा की मां हेलेन उनके साथ होंगी.
लॉरा को नई चीज़ें डराती हैं. लेकिन उनकी मां हेलेन कहती हैं कि वो अपनी बेटी की चिंता को दूर करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं.
शादी से एक दिन पहले वो बर्कशर जाएंगी. उन्होंने शाही शादी में जाने के सफ़र की लॉरा के लिए पूरी तैयारी कर रखी है.
मां-बेटी को सबसे ज़्यादा फ़िक्र क़तारों की है. लॉरा को लाइन में लगने से सबसे ज़्यादा दिक़्क़त होती है.
लेकिन, लॉरा इस बात से ख़ुश हैं कि प्रिंस हैरी और मेगन मार्केल की शादी में वो कई सिलेब्रिटी से मिल सकेंगी, और वो शादी में आने वाले आम लोगों से भी बतियाएंगी.
शादी में अपने खाने के लिए लॉरा चिकन और मेयोनेज़ ले जाएंगी. साथ ही ऐसे मौक़े पर खाई जाने वाली कोई चॉकलेट. बैठने के लिए वो अपने साथ एक चटाई और कुछ आरामदेह जूते ले जाएंगी.
लॉरा अपनी मां की तरफ़ देखते हुए कहती हैं, 'उन्होंने हमें अपनी शादी में बुलाया. बहुत अच्छा महसूस हो रहा है.'
लॉरा कहती हैं कि उन्हें शादी में आने का न्योता उनकी चैरिटी संस्था, 'आई ऐम नॉन-स्टॉप' की वजह से मिला है.
पिछले छह साल से लॉरा उन युवाओं की मदद कर रही हैं, जो उन्हीं की तरह की बीमारी के शिकार हैं. उन्हें चीज़ें सीखने-समझने में दिक़्क़त होती है.
वो वोर्सेस्टर इलाक़े में रहने वाले ऐसे लोगों की मदद करती हैं. उनके बीच मेल-जोल और दोस्ती कराती हैं. ताकि ऐसे लोग मिलकर मस्ती कर सकें.

लॉरा ने जब अपनी बीमारी की वजह से कॉलेज छोड़ा था, तो, यूं लग रहा था कि उनकी सामाजिक ज़िंदगी ख़त्म सी हो गई है.
उन जैसी बीमारी यानी ऑटिज़्म के शिकार लोगों के साथ अक्सर यही होता है. तब उन्होंने 'द मंडे नाइट क्लब' की शुरुआत की थी.
अब लॉरा को ऐसी कोई दिक़्क़त नहीं महसूस होती.
अब सोमवार के दिनों में उनके जैसे सौ से ज़्यादा लोग जमा होते हैं. सब मिलकर एल्विस प्रेस्ले की तरह गाते और माइकल जैक्सन की तरह नाचने की कोशिश करते हैं. कहने का मतलब ये कि सब मिल-जुलकर मस्ती करते हैं.
द मंडे नाइट क्लब में लॉरा अक्सर डीजे का किरदार निभाती हैं. वो डांस फ्लोर पर मौजूद लोगों को बोर नहीं होने देतीं. पॉप सेलेकर नेबर्स और आरएनबी की धुनों से उन्हें नाचने पर मजबूर करती रहती हैं.
लॉरा वोर्सेस्टरशर की पीपुल्स पार्लियामेंट यानी जनसंसद की अध्यक्ष भी हैं. इसका मक़सद सरकार पर अपने जैसे लोगों की मदद के लिए और काम करने का दबाव बनाना है.
उनके ग्रुप ने एक ट्रैवल वॉलेट शुरू किया है. इसमें बस का पास होता है. साथ ही उसमें कार्ड रखा होता है, जिस पर लिखा होता है, 'धीरे बोलिए' और 'क्या आप मुझे बता देंगे जब मेरा बस स्टॉप आएगा?'
अब लॉरा की संस्था ऐसे किराए के करारनामे बनाने पर काम कर रही है, जो आसानी से पढ़े जा सकें. साथ ही वो ऐसे विकलांगों को वो सुविधाएं दिलाने के लिए काम कर रही हैं, जो उन्हें कहीं और नहीं मिल पातीं.
हेलेन कहती हैं कि वो लॉरा और उनके साथियों को शोर मचाने, नियम तोड़ने और मज़े करने की इजाज़त देती हैं. इसका बुरा नहीं मानतीं.
लॉरा 18 महीने पहले अपने घर में रहने गई हैं. वो अपने साथ प्रिंस नाम का एक कुत्ता भी पाल रही हैं, जिसे उन लोगों की मदद की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिन्हें कोई चीज़ समझने में मुश्किल होती है.

लॉरा बताती हैं कि एक रोज़ किसी ने उनकी कोशिशों की तारीफ़ करते हुए कहा, 'ये लड़की हर मुश्किल से पार पाना जानती है.'
मां हेलेन कहती हैं, 'लॉरा बहुत मेहनत करती है. उसकी मेहनत से कई लोगों का भला होता है.'
लंदन में अप्रैल का महीना बेहद गर्म है. इस मौसम में लॉरा और हेलेन को ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट के सबसे बड़े डिपार्टमेंट स्टोर में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलता है.
जब लॉरा ने एक लिबास अपने ऊपर डाला, तो साथ आए लोगों ने तारीफ़ में कहा..शानदार!
लेकिन जब लॉरा ने मां से पूछा कि ये ले लूं, तो मां ने कहा-बिल्कुल नहीं. हाथ से सिला वो लिबास 300 पाउंड का था.
इसके बाद साथ चल रहे स्टाइलिस्ट ने नारंगी जम्पसूट उठाया.
लॉरा ने उसे देखकर कहा, 'ये बहुत भड़कीला है. मैं नहीं चाहती कि लोगों की नज़र मेगन मार्केल से हटे.'




















