भारत सरकार के मुताबिक एक गांव के अगर 10 फ़ीसदी घर और सभी सार्वजनिक इमारतें ग्रिड से जुड़ी हों तो गांव को विद्युतीकृत माना जाता है. अगस्त 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने 2018 तक सभी भारतीय घरों को विद्युतीकृत करने की करीब160 अरब रुपए की योजना शुरू की थी.
इस योजना के तहत भारत के आबादी वाले सभी 597,464 गांव और पांच करोड़ से ज़्यादा घर ग्रिड से जुड़ चुके हैं.
भारत ने 1947 में मिली आज़ादी के बाद से बहुत कुछ हासिल किया है.
1947 में...
...भारत के केवल 1500 गांव विद्युतीकृत थे.
2005-2014 के बीच...
...1,082,280 और गांव ग्रिड से जुड़े.
मई 2018 तक...
18,452 और गांवों तक बिजली पहुंची और इस तरह भारत के सभी गांव विद्युतीकृत हो गए.
हालांकि आज ज़्यादातर भारतीय गांवों तक कुछ बिजली पहुंची है, लेकिन दूरदराज़ के घरों तक बिजली पहुंचाना खर्चीला हो सकता है.
कुछ लोग हर महीने आने वाले बिजली के बिल की वजह से भी कनेक्शन नहीं चाहेंगे. ख़ासतौर से तब जब बिजली आपूर्ति सही न हो और अक्सर बिजली गुल हो जाती हो.







