|
आज़म का इस्तीफ़ा, अमर ने कसी कमर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाजवादी पार्टी में जहाँ संगठन के स्तर पर फेरबदल चल रहा है वहीं सत्ता में शामिल होने के सवाल पर कोशिशें तेज़ होती दिख रही हैं. रविवार को पार्टी के मुस्लिम नेता, महासचिव और संसदीय बोर्ड के सदस्य आज़म ख़ान ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को सौंप दिया है. हालांकि दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव अमर सिंह ने बताया कि उन्होंने अभी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है. अमर सिंह ने रविवार की दोपहर दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के पास उत्तर प्रदेश में 24 सांसद हैं और दो निर्दलीय सांसद भी उनके साथ खड़े हैं.
यूपीए को समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी के संसदीय बोर्ड ने समर्थन देने या सरकार में शामिल होने का फ़ैसला पार्टी अध्यक्ष पर सौंप दिया है और पार्टी अध्यक्ष ने इस दिशा में आगे काम करने के लिए उन्हें ज़िम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी का फ़ैसला है कि हम धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ हैं और उनका सकारात्मक सहयोग करते रहेंगे. अब यह उनके ऊपर है कि वो हमसे कितना समर्थन लेंगे, उसका स्तर क्या होगा. यूपीए के लिए पिछले कार्यकाल में जब मुश्किल की घड़ी थी, तब बिना किसी शर्त के हमने उनका समर्थन किया था. हम कल भी दाता थे और आज भी दाता हैं." बातचीत का सिलसिला उन्होंने बताया कि कांग्रेस की शानदार जीत पर उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बधाई दी हैं. इसके अतिरिक्त उनके कोई और बात नहीं हुई. अमर सिंह ने यह भी कहा कि बातचीत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी हुई है पर उसको वे सार्वजनिक नहीं करना चाहते. अमर सिंह ने कहा, "हमारी प्रणव मुखर्जी से बातचीत हुई है. रविवार की शाम हमारी मुलाक़ात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी होनी है पर उससे पहले हम एक बार प्रणव मुखर्जी से फिर मिलना चाहेंगे."
आज़म ख़ान के मुद्दे पर वो बोले, "पार्टी की स्थापना से लेकर संगठन को खड़ा करने तक उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है. उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से प्राथमिक सदस्य बने रहकर पार्टी की सेवा करने की मंशा व्यक्त की है. मैं आज़म ख़ान को दिल से माफ़ करता हूं." एक समाचार चैनल पर आज़म ख़ान के इस्तीफे के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए रामपुर से समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद चुनी गई जयाप्रदा ने कहा, "मैं या अमर सिंह आज़म ख़ान के इस्तीफे के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं. मैं उनके लिए सीट तक छोड़ने को तैयार थी. उन्होंने कहा कि जयाप्रदा को हराओ पर हमने उनके लिए कुछ भी ग़लत नहीं कहा. मैं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दुखी हूं." इस बार चुनावों में कल्याण सिंह की समाजवादी पार्टी से नज़दीकी और जयाप्रदा को रामपुर से पार्टी के टिकट को लेकर आज़म ख़ान ने ब़ागी तेवर अपनाया था. उनपर रामपुर में पार्टी के ख़िलाफ़ प्रचार करने का आरोप भी लगा. |
इससे जुड़ी ख़बरें राजनाथ की हुई अमर सिंह से मुलाक़ात14 मई, 2009 | चुनाव 2009 'अपनों' के बीच फँसी जया प्रदा12 मई, 2009 | चुनाव 2009 आज़म ख़ान पर बरसे मुलायम सिंह10 मई, 2009 | चुनाव 2009 | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||