|
गुजरात में हेपेटाइटिस से मौतों की जाँच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में स्वास्थ्य अधिकारियों ने हेपेटाइटिस बी से हुई मौतों की जाँच शुरू कर दी है. पिछले दो हफ़्तों में सबरकांथा में इस बीमारी से कम से कम 25 लोगों की मौत हो चुकी है.मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे भी हैं. अधिकारियों ने कहा है कि शुरुआती जाँच से लगता है कि मरीज़ों में म्यूटेंट वायरस होने के संकेत हैं. हेपेटाइटिस बी किसी संक्रामित व्यक्ति के शरीर से निकले द्रव्य के साथ संपर्क में आने से फैलता है. असुरक्षित यौन संबंधों के कारण या संक्रमित सुई के इस्तेमाल से भी ये फैल सकता है. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं से ये बच्चों में भी फैलता है. सबरकांथा ज़िला अधिकारी एम थेनारासन ने बीबीसी को बताया कि इस बीमारी के लक्षण वाले 26 और लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उन्होंने कहा, बीमारी के कारणों के बारे में जाँच करने के लिए दिल्ली से दल आया है. हमें अभी ये नहीं पता चला है कि हेपटाइटिस बी क्यों आस-पास के इलाक़ों में फैल रहा है. एम थेनारासन ने ये भी बताया कि मरीज़ किसी ख़ास वर्ग या जाति के नहीं है. इस वायरस के कारण बुख़ार, थकावट, जोड़ों में दर्द और उलटी की शिकायत हो सकती है. ऐसे लोगों में जिगर के कैंसर और साइरॉसिस जैसी बीमारियाँ होने की आशंका रहती है क्योंकि हेपेटाइटिस बी वायरस जिगर को बुरी तरह प्रभावित करता है. | इससे जुड़ी ख़बरें एशियाई हेपेटाइटिस-सी के ख़तरे में03 सितंबर, 2005 | विज्ञान भारी पड़ सकता है चुंबन 29 सितंबर, 2003 | विज्ञान गोदना गुदवाने से पहले...18 जुलाई, 2003 | विज्ञान हेपेटाइटिस बी का नया इलाज12 मई, 2003 | विज्ञान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||