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दाऊद ख़ान के अवशेषों की पहचान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के पहले राष्ट्रपति के अवशेषों की पहचान तीन दशक के अंतराल के बाद कर ली गई है. मोहम्मद दाऊद ख़ान को 1978 के तख़्तापटल के बाद मार डाला गया था और उनकी लाश एक सामूहिक कब्र में दबा दी गई थी. अफ़ग़ानिस्तान के हामिद करज़ई सरकार ने उनके अवशेषों की तलाश के लिए विशेषज्ञों का एक दल गठित किया था जिसने दाऊद ख़ान के अवशेषों की पहचान कर ली है. दाऊद ख़ान ने 1973 में राजा ज़ाहिर शाह को हटाकर सत्ता अपने कब्ज़े में ले ली थी. वामपंथी विद्रोहियों के तख़्तापलट में दाऊद ख़ान के मारे जाने के बाद अफ़ग़ानिस्तान पर सोवियत सेना ने धावा बोल दिया और सोवियत सेना के हटने के बाद वहाँ तालेबान का शासन क़ायम हो गया. अफ़ग़ान सरकार ने तय किया है कि दाऊद ख़ान के अवशेषों को राजकीय सम्मान के साथ दोबारा दफ़न किया जाएगा. काबुल के नज़दीक स्थित पुल-ए-कचहरी के दो बड़ी सामूहिक कब्रों की जाँच करने के बाद वैज्ञानिकों ने दाऊद ख़ान के अवशेषों की पहचान कर ली. अफ़ग़ान स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बाताया कि दर्ज़नों लाशों के बीच अपने परिवार के 17 सदस्यों के साथ दाऊद ख़ान की लाश भी मिली. प्रवक्ता ने बताया कि उनके दाँतों के रिकॉर्ड के आधार पर उनकी पहचान की गई, साथ ही विशेषज्ञों को उनकी लाश के साथ सोने की ज़िल्द वाली कुरआन की प्रति भी मिली. प्रवक्ता ने बताया कि "कुरआन की यह प्रति दाऊद ख़ान को सऊदी अरब के शाह ने तोहफ़े में दी थी जब वे रियाद के दौरे पर गए थे." अफ़ग़ानिस्तान में दाऊद ख़ान की हत्या को बहुत सारे लोग एक काले अध्याय की शुरूआत के तौर पर देखते हैं क्योंकि उसके बाद एक दशक तक उनके देश पर सोवियत सेना का नियंत्रण रहा, गृहयुद्ध चलता रहा जिसके बाद तालेबान सत्ता में आ गए जिन्हें अमरीका ने 2001 में सत्ता से हटा दिया लेकिन आज तक संघर्ष जारी है. एक अनुमान के मुताबिक़ 1978 के तख़्तापलट से लेकर अब तक बीस लाख लोग हिंसा में मारे जा चुके हैं और साठ लाख लोग अफ़ग़ानिस्तान से पलायन कर चुके हैं. दाऊद ख़ान के पाँच वर्षों के कार्यकाल को सुधार के दौर के रूप में देखा जाता है, उन्होंने इस्लामी नेताओं के प्रभाव को कम करके अफ़ग़ानिस्तान को एक गणराज्य बनाने की कोशिश की. उन्होंने सोवियत संघ के मुक़ाबले पश्चिमी देशों से दोस्ती पर अधिक बल दिया. | इससे जुड़ी ख़बरें शाह की वापसी का महत्व18 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना ज़ाहिर शाह की पत्नी का निधन27 जून, 2002 | पहला पन्ना ज़ाहिर शाह पिता की क़ब्र पर गए20 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना तस्वीरों में - ज़ाहिर शाह की वापसी18 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान का संघर्ष भरा इतिहास-109 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान का संघर्ष भरा इतिहास-209 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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