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'चरमपंथियों के पास युद्ध कराने की ताक़त' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने भारत से अपील की है कि वह मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के लिए उनकी सरकार पर दोषारोपण न करे. ब्रितानी अख़बार फ़ाइनेंशियल टाइम्स के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि चरमपंथियों के पास इतनी ताक़त है कि वे क्षेत्र में युद्ध करवा दें. ज़रदारी ने कहा, "यदि चरमपंथी लश्करे तैबा से जुड़े थे तो हम भी उनसे ही लड़ रहे हैं." उन्होंने कहा, "हम कठिन समय से गुज़र रहे हैं. वे लोग जिनका सरकार से कुछ लेना-देना नहीं है वे पहले भी युद्ध करवा चुके हैं. चाहे वह 11 सितंबर 2001 को अमरीका पर किए गए हमले में शामिल हमलावर हों या इराक़ में बिगड़ी हुई स्थिति के ज़िम्मेदार." 'एकजुटता ज़रुरी' ज़रदारी ने अपील की है कि चरमपंथ से लड़ने के लिए दोनों देशों में एकजुटता ज़रूरी है. मुंबई में किए गए चरमपंथी हमलों के बाद भारत ने आरोप लगाया था कि इन हमलों के तार पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा से जुड़े हुए हैं. इस हमले में क़रीब दो सौ लोगों की मौत हो गई थी और अनेक लोग घायल हो गए थे. इस हमले के बाद भारत में राजनेताओं पर देश के अंदर सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने और हमले में शामिल दोषियों पर कार्रवाई करने का दबाव काफ़ी बढ़ गया है. |
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