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बिना भारत के आगे बढ़ सकता है ईरान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल रहे संकेतों के अनुसार ईरान बिना भारत को साथ लिए भी सिर्फ़ पाकिस्तान के साथ गैस पाइप लाइन के समझौते पर आगे बढ़ सकता है. नेशनल ईरानियन गैस एक्सपोर्ट कंपनी के निदेशक रज़ा कसेई ज़ादेह ने कहा कि ईरान अब पाकिस्तान के साथ समझौता करने की दिशा में चर्चा कर रहा है. साथ ही उनका कहना था कि हालाँकि ईरान तो भारत और पाकिस्तान को साथ लेकर त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहता है मगर अब भारत के अलावा किसी तीसरे पक्ष को लेने की संभावना पर भी विचार हो रहा है. लगभग 27 हज़ार किलोमीटर लंबी ये गैस परियोजना सात अरब डॉलर की मानी जाती है. ईरानी चिंता एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार ईरान के तेल मंत्री ग़ुलाम हुसैन नौज़ारी ने भी कहा कि अगर भारत इस परियोजना में शामिल नहीं भी होता तो ईरान पाकिस्तान के साथ ही समझौते पर आगे बढ़ेगा.
वैसे जून महीने में ही भारतीय तेल मंत्री मुरली देवड़ा ने जेद्दा में ईरानी तेल मंत्री से मुलाक़ात के बाद विश्वास व्यक्त किया था कि जल्दी ही भारत इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देगा. और उससे पहले अप्रैल में जब ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनिजाद भारत की यात्रा पर आए थे तो उन्होंने उस समय कहा था कि अगले 45 दिनों में इससे जुड़े सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएँगे. मगर ट्रांज़िट शुल्क और पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर ये परियोजना बार बार अटकती रही है. इस तरह की ख़बरें भी आती रही हैं कि अमरीकी दबाव के कारण ईरान के साथ गैस परियोजना में देर हो रही है. मगर भारत इससे इनकार करता आया है. इस बीच ईरान ने भारत और अमरीका के परमाणु सहयोग पर चिंता व्यक्त की है. ईरान के परमाणु ऊर्जा आयोग के उपाध्यक्ष मोहम्मद सईदी ने कहा कि ये समझौता परमाणु अप्रसार संधि की अहमियत को कम करता है. | इससे जुड़ी ख़बरें गैस पाइपलाइन समझौता शीघ्र: देवड़ा23 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश ज़रूरी'22 जून, 2008 | कारोबार तेल की क़ीमतों को लेकर सम्मेलन22 जून, 2008 | कारोबार भारत पहुँचे अहमदीनेजाद29 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस पाइपलाइन पर आगे चर्चा की तैयारी28 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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