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दिल्ली पुलिस के छापे, 'संदिग्ध' गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दिल्ली में पिछले दिनों हुए बम धमाकों और चरमपंथी गतिविधियों के बारे में उनके पास जो सुराग हैं उनके आधार पर तेज़ी से काम चल रहा है. इसी क्रम में शनिवार की रात भी दिल्ली पुलिस ने कुछ जगहों पर छापे मारे और तलाशी का काम किया. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इन छापों में तीन और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस का कहना है कि इन लोगों का ताल्लुक दिल्ली में पिछले दिनों हुए धमाकों से है. इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति अब्दुल रहमान को भी हिरासत में लिया गया है. अब्दुल रहमान जामिया नगर स्थित एल-18 मकान के केयरटेकर हैं. इसी घर में शुक्रवार को संदिग्ध लोगों से पुलिस की मुठभेड़ हुई थी. इस तरह अबतक पिछले दिनों दिल्ली में हुए धमाकों के सिलसिले में दिल्ली पुलिस पाँच लोगों को हिरासत में ले चुकी है. दो लोगों को शुक्रवार को ही पकड़ लिया गया था और अब वे पुलिस हिरासत में हैं. रविवार की दोपहर इस बारे में दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी एचएस धालीवाल ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों के नाम मोहम्मद शकील, ज़ियाउर्रहमान और शाकिर निसार हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली बम धमाकों के सिलसिले में इन तीनों लोगों की शनिवार को देर रात गिरफ़्तारी की गई. इसके बाद पाँच घंटे की पूछताछ के बाद इन लोगों ने कथित तौर पर बम धमाकों में शामिल होने की बात स्वीकारी. पहचान और मंसूबे पुलिस के मुताबिक मोहम्मद शकील उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहनेवाला था, फिलहाल दिल्ली के संगमविहार में रह रहा था और एमए का छात्र था. शकील के पिता उत्तर प्रदेश सरकार के पीडब्ल्युडी विभाग में स्टेनो हैं.
दूसरा व्यक्ति ज़ियाउर्रहमान पुलिस के मुताबिक जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में बीए फ़ाइनल का छात्र था. ज़ियाउर्रहमान आजमगढ़ का रहनेवाला है. जिस घर (एल-18, बाटला हाउस, जामिया नगर) पर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की मुठभेड़ में दो संदिग्ध चरमपंथी मारे गए थे, ज़िया के पिता अब्दुल रहमान उस घर के केयरटेकर थे. तीसरा संदिग्ध शाकिर निसार शाइनबाग का रहनेवाला है. पुलिस के मुताबिक आतिफ़ इन लोगों को हथियार और विस्फोटक उपलब्ध कराने का काम करता था. पुलिस के मुताबिक पहले दो संदिग्धों ने गुजरात के मणिनगर में साइकिल पर बम रखने का भी काम किया था. पुलिस के मुताबिक इन लोगों का भविष्य में और धमाके करने का भी इरादा था. इन संदिग्धों ने कथित रूप से पुलिस को पूछताछ में बताया कि ये आने वाले दिनों में दिल्ली के नेहरू प्लेस इलाके में 20 बम धमाके करने वाले थे. पुलिस ने बताया कि ज़ियाउर्रहमान के पिता अब्दुल रहमान को भी हिरासत में लिया गया है क्योंकि उन्होंने मकान मालिक को जानकारी दिए बिना इन लोगों को एल-18 के मकान में एक फ्लैट लीज़ पर दे दिया था. उन्हें धोखाधड़ी और दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. लश्कर पर शक इससे ठीक पहले शनिवार की शाम दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि दिल्ली समेत पिछले कुछ समय से भारत में हुए हमलों के पीछे सिमी और इंडियन मुजाहिदीन का हाथ है और उन्हें लश्करे तैयबा का पूरा समर्थन मिला है. दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त करनैल सिंह ने शनिवार को शाम एक प्रेस कांफ्रेंस की और धमाकों के सिलसिले में जानकारी दी. पढ़ने के लिए क्लिक करें दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने रविवार की सुबह बीबीसी को बताया कि पुलिस का तलाशी और जाँच का काम जारी है. शनिवार को संयुक्त आयुक्त करनैल सिंह ने बताया था कि दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में हो रही चरमपंथी गतिविधियों में दो गुट मिले हुए हैं-सिमी और इंडिनय मुजाहिदीन. इन्हें लश्करे तैयबा का पूरा समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार साल में ये पता चला है कि जब लश्कर के पाकिस्तानी लोग पकड़े जाते हैं तो आईएसआई को दिक्कत होती है. इसलिए इन्होंने रणनीति बदली और ये ज़्यादा से ज़्यादा भारतीय मूल के लोगों को शामिल करना चाहते थे. इस रणनीति के तहत सिमी और दूसरे इंडियन मुजाहिदीन से बात की गई. इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पकड़े गए दो संदिग्ध चरमपंथियों मौहम्मद सैफ़ और ज़ीशान अहमद को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की जामिया नगर इलाके में कुछ संदिग्ध लोगों से मुठभेड़ भी हुई थी जिसमें दो संदिग्ध और एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई थी. उधर दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि पिछले हफ़्ते दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में मोहम्मद सैफ़ और ज़ीशान अहमद भी शामिल थे. मोहम्मद सैफ़ को जामिया नगर इलाक़े से और ज़ीशान अहमद को झंडेवालाँ से पकड़ा गया था. जबकि एक अन्य संदिग्ध चरमपंथी मोहम्मद आतिफ़ की मुठभेड़ में मौत हो गई थी. |
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