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तेलुगू स्टार चिरंजीवी उतरे मैदान में... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तेलुगू फ़िल्मों के जाने-माने हीरो चिरंजीवी ने मंगलवार को एक भव्य समारोह में राजनीति में क़दम रखा है. आंध्र प्रदेश में मंदिरों के शहर तिरुपति में मंगलवार की शाम चिरंजीवी ने अपनी पार्टी के नाम, 'प्रजाराज्यम' का ऐलान किया. उन्होंने अपने भाषण में कहा,'' मैं अपने राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए बेताब हूँ.'' चिरंजीवी के राजनीति में उतरने के ऐलान को देखते हुए तिरुपति में ज़बरदस्त तैयारियाँ की गईं थीं. तिरुपति बालाजी मंदिर की पहाड़ियों के सामने बने मैदान पर एक बड़ा सा स्टेज बनाया गया था. इस स्टेज पर सिर्फ़ चिरंजीवी चढ़े, किसी और नेता को इस पर चढ़ने की इजाज़त नहीं दी गई थी ताकि स्टेज के सामने 120 एकड़ के मैदान पर मौजूद उनके लाखों समर्थकों से सिर्फ़ चिरंजीवी ही सीधे बातचीत कर सकें. उम्मीद के मुताबिक इस समारोह में चिरंजीवी के कई लाख समर्थक पहुँचे. इसको देखते हुए 60 एकड़ में तो सिर्फ़ गाड़ियों के लिए पार्किंग और दूसरी चीज़ों का इंतज़ाम किया गया था. बड़ा मैदान, बड़े इंतज़ाम बड़ी संख्या में चिरंजीवी समर्थकों के तिरुपति पहुँचने के मद्देनज़र 18 विशेष ट्रेनें और 1500 बसे चलाई गईं थीं. इन बसों के अलावा राज्य परिवहन की बसें तो अलग से है हीं. हर ट्रेन में 15-18 बोगियाँ रखी गई थीं. तिरुपति के राजीव नगर में फ़िल्मी अंदाज़ के इस समारोह में पूरे आंध्र प्रदेश से चिरंजीवी के समर्थक पहुँचे. हैदराबाद से मीडियाकर्मियों और चिरंजीवी के समर्थकों को ले जाने के लिए तो अलग से 10 रेलगाड़ियाँ चलाई गईं थीं.
तिरुपति के इस मैदान में चिरंजीवी के अलग-अलग कटआउट्स लगाए गए थे. आयोजकों का कहना है कि इतने बड़े मैदान में बैठे चिरंजीवी के समर्थक उन्हें देख सकें इसके लिए पूरे मैदान में अलग-अलग जगहों पर 70 बड़े-बड़े एलसीडी स्क्रीन लगाए गए थे. पार्टी का नाम, उसके झंडे और उसकी नीतियों के ऐलान के बाद से ही सारी चीज़ें इन बड़े-बड़े स्क्रीनों पर दिखने लगीं. चिरंजीवी के लिए इतना बड़ा इंतज़ाम किया उनके भाई पवन कल्याण, नागेंद्र बाबू और उनकी पत्नी के भाई अल्लु अरविंद ने. पिछले 26 सालों में ये दूसरा मौक़ा है जब आंध्र प्रदेश का कोई फ़िल्म स्टार राजनीति में क़दम रख रहा है. 1982 में तेलुगू फ़िल्मों के सुपरस्टार एनटी रामाराव ने राजनीतिक दुनिया में कदम रखा था और अगले नौ महीनों में ही राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर छा गए थे. भारी सुरक्षा व्यवस्था चिरंजीवी के लिए किए गए इतने भव्य इंतज़ाम को व्यवस्थित रखने के लिए पूरे मैदान पर आंध्र प्रदेश पुलिस के दो हज़ार जवानों के अलावा पाँच हज़ार स्वयं सेवकों का इंतज़ाम किया गया था. ऐसी ख़बर है कि तिरुपति और उसके आसपास के इलाक़ों के सभी होटलों, लॉज और शादीगृहों को चिरंजीवी के प्रशंसकों और राजनीतिज्ञों ने किराए पर ले लिया था. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के तिरुपति में जमा होने को देखते हुए तिरुपति बालाजी मंदिर का इंतज़ाम देखने वाले अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया था कि रैली में शामिल होने आए लोग मंदिर में दर्शन के लिए न आएँ. आयोजकों ने समारोह से पहले दावा किया था कि इसमें 10 लाख लोग हिस्सा लेंगे जबकि पुलिस का कहना है कि इस मैदान की अधिकतम क्षमता सिर्फ़ चार लाख लोगों की ही है. मैदान को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया था. हर हिस्से को दस छोटे-छोटे हिस्सों में तब्दील करके अलग-अलग लोगों के बैठने का इंतज़ाम किया गया था. चिरंजीवी के रिश्तेदार और उनके फ़िल्म इंडस्ट्री के दोस्तों के बैठने का अलग से इंतज़ाम किया गया था. |
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