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मिसाइल सुरक्षा प्रणाली का परीक्षण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने स्वदेशी तकनीक पर आधारित मिसाइल सुरक्षा प्रणाली का परीक्षण किया है. ये परीक्षण बंगाल की खाड़ी स्थित इनर व्हीलर आइलैंड में धामरा तट के पास किया गया. एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के सूत्रो का कहना है कि इस परीक्षण के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की गई थीं और इससे पहले दो दिसंबर को प्रयोगात्मक परीक्षण किया गया था. सुपरसोनिक मिसाइल जिस तकनीक पर आधारित है उसका विकास भारत में ही किया गया है. ये तकनीक हमला करने वाली बैलेस्टिक मिसाइल को नष्ट करने के सिद्धांत पर काम करती है. मिसाइल हमले से प्रतिरोधक क्षमता के परीक्षण के लिए भारतीय समयानुसार गुरूवार सुबह 11 बजे चांदीपुर से पृथ्वी मिसाइल का संवर्धित रूप छोड़ा गया. उसके कुछ ही सैकंड बाद इनर व्हीलर आइलैंड से अवरोधक क्षमता वाली सुपरसोनिक मिसाइल छोड़ी गई. दोनो मिसाइल के टकराने के स्थान को पहले ही निश्चित कर दिया गया था. सूत्रो के अनुसार हवाई हमले से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने की दिशा में किया गया ये दूसरा परीक्षण था. पिछला परीक्षण नवंबर 2006 में किया गया था. परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के हवाई रक्षा कार्यक्रम से जुड़े कई वरिष्ठ वैज्ञानिक चाँदीपुर और इनर व्हीलर आइलैंड पर उपस्थित थे. | इससे जुड़ी ख़बरें अग्नि III के परीक्षण में तकनीकी गड़बड़ी09 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारत ने अग्नि-3 का परीक्षण किया09 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारत अंतरिक्ष कमान स्थापित करेगा29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अग्नि-III मिसाइल का सफल परीक्षण12 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस भारत ने किया ब्रह्मोस का सफल परीक्षण22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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