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'एक बम में आरडीएक्स का इस्तेमाल' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के एक दिन बाद भी पुलिस को इस मामले में कोई अहम सुराग नहीं मिले हैं लेकिन इस बात की पुष्टि हुई है कि लखनऊ में निष्क्रिय किए गए बम में आरडीएक्स विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था. उधर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद के राज्यव्यापी बंद का आंशिक असर रहा है. अधिकतर जगह बंद शांतिपूर्ण रहा लेकिन कुछ जगह प्रदर्शन और छुटपुट झड़पें हुईं. शुक्रवार को लखनऊ, वाराणसी और फ़ैज़ाबाद में हुए धमाकों में 13 लोग मारे गए और लगभग 75 लोग घायल हुए थे. आरडीएक्स का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ब्रिज लाल ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने पाया कि लखनऊ में निष्क्रिय किए गए बम में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था. उनका कहना था कि अन्य विस्फोटों में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था और पहली बार संदेश के ज़रिए पहले सूचना देकर तालमेल के साथ सिलसिलेवार धमाके हुए. उनका ये भी कहना था कि पुलिस के पास इस मामले में कोई अहम सुराग तो नहीं हैं लेकिन जिन दुकानों से विस्फोटों में इस्तेमाल साइकिल ख़रीदे गए थे उनकी पहचान हो गई है. हालाँकि ये अभी नहीं पता चला है कि ये किसने ख़रीदे थे. महत्वपूर्ण है कि पुलिस का विशेष दल (एसटीएफ़) इन धमाकों की जाँच कर रहा है और इसकी बागडोर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसके मिश्र की जगह ब्रिज लाल के हाथों में दी गई है. राज्य के मुख्य गृह सचिव ने शनिवार को कहा, "हालाँकि फ़िलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई कि किसी ख़ास मकसद़ से अदालतों को ही निशाना बनाया गया है लेकिन इन घटनाओं को देखते हुए अदालतों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं." इस बीच पुलिस ने फ़ैजाबाद अदालत परिसर में हुए धमाके के लिए ज़िम्मेदार एक संदिग्ध चरमपंथी का स्केच जारी किया गया है. लखनऊ पुलिस ने भी दो संदिग्ध चरमपंथियों का स्केच जारी किया है. छुटपुट झड़पें उधर राज्य के बड़े शहरों में भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के बंद का ज़्यादा असरा देखने को मिला लेकिन छोटे नगरों में जनजीवन सामान्य रहा. बंद का आहवान देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. वाराणसी, जहाँ शनिवार को देव-दीपावली मनाई जा रही है, वहाँ बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. जहाँ राजधानी लखनऊ में 50-60 लोगों को हिरासत में लिया गया, वहीं मेरठ में बंद के दौरान बाज़ार बंद कराने की कोशिश में भाजपा विधायक के साथ कुछ लोगों की झड़प हुई है. प्रयाग रेलवे स्टेशन पर गंगा-गोमती एक्सप्रेस ट्रेन को कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए रोका और 'राज्य सरकार को बर्ख़ास्त करने की माँग' करते हुए नारे लगाए. उधर अल्पसंख्यकों के एक संगठन एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन माइनॉरिटीस के मोहम्मद हबीबुर रहमान ने इन घटनाओं की निंदा की है. विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएँ इसलिए हुई हैं क्योंकि सरकार का रवैया नरम है. इस संबंध में उन्होंने संसद पर हमले के दोषी ठहराए गए 'अफ़ज़ल गुरु को अब तक फ़ांसी न दिए जाने' की ज़िक्र भी किया है.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह लखनऊ, वाराणसी और फ़ैजाबाद के दौरे पर हैं. ई-मेल के बाद सुरक्षा बढ़ाई मुख्यमंत्री मायावती ने जहाँ इसे केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी की विफलता बताया है वहीँ केंद्रीय गृहराज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि विस्फोटों के बारे में ऐसी सूचनाएँ मिलना कठिन होता है. कुछ मीडिया संस्थानों को मिले ई-मेल के मुताबिक 'इंडियन मुजाहिदीन ' नामक संगठन ने इन विस्फोटों की ज़िम्मेदारी ली है. ई-मेल में कहा गया था कि पिछले साल वाराणसी के संकोट मोचन मंदिर में हुए धमाकों, मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए धमाकों और इस साल हैदराबाद में हुए विस्फोटों को उसने अंजाम दिया था. पुलिस का कहना है कि इसी ई-मेल में यह धमकी दी गई है कि विस्फोट के बाद जमा होने वाली भीड़ पर भी आत्मघाती हमले किए जाएँगे. अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद उन्होंने सभी शहरों में सुरक्षा इंतज़ाम कड़े कर दिए हैं. |
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