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हिमाचल में तीन सीटों के लिए मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले चरण में 68 सीटों में से तीन सीटों के लिए बुधवार को मतदान शुरु हुआ. शेष 65 सीटों पर 19 दिसंबर को मतदान होना है. समाचार एजेंसियों के अनुसार कड़ाके की ठंड में शुरु हुए मतदान की गति धीमी थी. चूंकि ये तीनों सीटें, किन्नौर, भरमौर और लाहौलस्पीति ख़ासी ऊँचाई पर स्थित हैं और वहाँ दिसंबर में बर्फ़बारी होती है इसलिए वहाँ चुनाव पहले करवाए जा रहे हैं. सभी सीटों के लिए मतगणना 28 दिसंबर को होगी. इससे पहले इन तीनों सीटों पर आमतौर पर बाद में चुनाव करवाए जाते थे लेकिन राजनीतिक दलों का कहना था कि इससे राज्य के परिणामों का असर इन सीटों पर दिखता है और चुनाव निष्पक्ष नहीं रह जाते. राजनीतिक दलों के अनुरोध पर चुनाव आयोग ने इन तीनों सीटों पर पहले चुनाव करवाने का निर्णय लिया था. माहौल हिमाचल प्रदेश में इस समय कांग्रेस की सरकार है और वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री हैं. शिमला से वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी कुमार का कहना है कि पिछले कई सालों से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की सरकारें बारी-बारी से आती रही हैं. उनका कहना है कि पिछले चार-साढ़े चार सालों में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दे पर ख़ूब घेरने की कोशिश की है और एक हद तक सफलता भी पाई है. अभी सिर्फ़ तीन सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं लेकिन पर्यवेक्षकों का मानना है कि चाहे पूरे प्रदेश के माहौल के बारे में कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी पर कांग्रेस संकट में ही दिख रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें गुजरात और हिमाचल में चुनाव घोषित10 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस सुखराम के आने से कांग्रेस के लिए स्थिति सुखद02 मई, 2004 | भारत और पड़ोस भाजपा को लगा झटका | भारत और पड़ोस हिमाचल कॉंग्रेस के हाथ लगा | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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