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रोनेन सेन ने बिना शर्त माफ़ी माँगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
परमाणु समझौते के विरोधियों को 'हैडलेस चिकन' कहने के मामले में अमरीका में भारत के राजदूत रोनेन सेन ने राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने बिना शर्त माफ़ी माँगी. इससे पहले वो लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष भी पेश हुए थे और वहां भी उन्होंने बिना शर्त माफ़ी मांगी थी. राज्यसभा के उपसभापति के रहमान ख़ान की अध्यक्षता वाली विशेषाधिकार समिति ने रोनेन सेन को सांसदों और पत्रकारों के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के संदर्भ में तलब किया था. विशेषाधिकार समिति के समक्ष वो करीब एक घंटे तक रहे और अपनी टिप्पणी के बारे में सफाई दी. बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष रहमान ख़ान ने कहा कि रोनेन सेन ने सांसदों के ख़िलाफ़ कथित टिप्पणी को लेकर सदस्यों के सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा कि अगली बैठक 16 नवंबर को होगी जिसमें समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगी. अपनी पेशी के बाद बाहर आने पर रोनेन सेन ने पत्रकारों को कुछ भी बात करने से इनकार कर दिया. सेन की टिप्पणी को लेकर संसद के पिछले सत्र में संसद के दोनो सदनों में शोरशराबा और हंगामा हुआ था जिसके बाद यह मामला दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों को सौंप दिया गया था. ग़ौरतलब है कि सेन ने रीडिफ़ डॉट कॉम को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि '' इसे (परमाणु समझौता) यहाँ राष्ट्रपति और वहाँ कैबिनेट ने पारित किया, तो फिर सिरकटे मुर्गे (हेडलेस चिकन) की तरह क्या फड़फड़ाना.'' | इससे जुड़ी ख़बरें संसदीय समिति के समक्ष सेन की पेशी28 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस सेन को संसद में तलब किया जाएगा16 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस राजदूत को लेकर संसद में फिर हंगामा22 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस भारतीय राजदूत ने माफ़ी माँगी21 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद में हंगामा20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस यूपीए-वाम रिश्तों में 'नरमी' के संकेत17 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते का नफ़ा-नुकसान18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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