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कर्नाटक में अनिश्चितता बरकरार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस सरकार गठन को लेकर तस्वीर अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है. इस बीच जेडीएस के बाग़ी विधायकों के अपने रूख पर कायम रहने से पार्टी में विभाजन की स्थिति बन गई है. जनता दल(सेक्युलर) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पूर्व गृह मंत्री और बाग़ी गुट के नेता एमपी प्रकाश से मुलाक़ात की है. लेकिन माना जा रहा है कि वो कांग्रेस की मदद से सरकार बनाने की ज़िद पर अड़े एमपी प्रकाश को मनाने में नाकाम रहे हैं. इसी कारण जेडीएस में टूट की आशंका बन गई है. प्रकाश जद (एस) के दोबारा भाजपा के साथ गठबंधन करने के ख़िलाफ़ हैं और उन्होंने कांग्रेस की मदद से राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने का फ़ैसला किया है. उधर इन बाग़ी विधायकों के कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना लेने की आशंका के मद्देनज़र भाजपा और जेडीएस ने राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन के लिए विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे. भाजपा और जेडीएस की राज्य इकाई के अध्यक्ष डीवी सदानंद गौड़ा और मेराजुद्दीन पटेल के साथ दोनों दलों के प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद राजभवन के बाहर सदानंद गौडा ने बताया कि उन्होंने भाजपा के 79 और जेडीएस के 42 विधायकों के समर्थन वाले पत्र राज्याल को सौंपे हैं.
उन्होंनें बताया कि वो राज्यपाल के सामने दोनों दलों के विधायकों की परेड कराने को तैयार हैं. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे राज्य में सरकार गठन की सिफ़ारिश केंद्र सरकार के पास भेज दें. इससे पहले भाजपा-जेडीएस के विधायकों की बैठक में भाजपा नेता बीएस एदियुरप्पा को सर्वसम्मति से गठबंधन का नेता चुन लिया गया. इस बैठक में भाजपा के 80 और जेडीएस के 46 विधायक शामिल हुए थे. इस बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार से राज्य विधानसभा भंग करने की मांग की है. कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सरकार बनाने की जोड़ तोड़ के कारण राज्य में विधायकों की ख़रीद फ़रोख्त की आशंका है. राज्यपाल पर निगाहें भाजपा नेता और मुख्यमंत्री पद के दावेदार येदीयुरप्पा ने दावा किया है कि उन्हें भाजपा और जनता दल-एस के 125 विधायकों का समर्थन हासिल है. कर्नाटक की 224 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. दूसरी ओर कर्नाटक के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने सरकार के संबंध में अभी तक कोई संकेत नहीं दिए हैं. पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा,'' मैंने सरकार के गठन के संबंध में कोई फ़ैसला नहीं किया है. मैं अभी क़ानून और संविधान विशेषज्ञों से सलाह मशविरा कर रहा हूँ.'' घटनाक्रम ग़ौरतलब है कि इससे पहले सत्ता हस्तांतरण से इनकार करने के बाद भाजपा ने जनता दल-एस की अगुआई वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद एचडी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ गई थी और वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था और विधानसभा निलंबित कर दी गई थी. बीस महीने पहले जनता दल (एस) और भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में साझा सरकार बनाई थी. समझौते के तहत 20 महीने बाद भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनना था. लेकिन कुमारस्वामी ने भाजपा को सत्ता सौंपने से इनकार कर दिया था. कई दिनों दोनों पार्टियों में सत्ता हस्तांतरण को लेकर बातचीत चली लेकिन बात नहीं बन पाई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कर्नाटक: भाजपा ने दावा पेश किया27 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन की सिफ़ारिश09 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा08 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक: भाजपा ने समर्थन वापस लिया06 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक सरकार पर संकट गहराया05 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक का सत्ता संघर्ष दिल्ली पहुँचा03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में गठबंधन टूट की कगार पर02 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में भाजपा मंत्रियों ने इस्तीफ़े दिए02 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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