|
कर्नाटक में सरकार बनाने की कोशिशें तेज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक में सरकार बनाने के अपने दावे के पक्ष में भाजपा और जनता दल-एस विधायक सोमवार को राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर के समक्ष पेश होंगे. ये फ़ैसला दोनों दलों के विधायकों की बैठक में लिया गया. हालांकि जनता दल-एस के एक नेता एमपी प्रकाश भाजपा को समर्थन दिए जाने का विरोध कर रहे हैं. जनता दल-एस के प्रवक्ता वाईएसवी दत्ता ने बताया कि राज्यपाल के समक्ष 122 विधायक पेश होंगे, इसमें भाजपा के 79 और जनता दल-एस के 43 विधायक शामिल हैं. ये विधायक राज्यपाल को समर्थन का पत्र सौपेंगे. दूसरी ओर भाजपा नेता और मुख्यमंत्री पद के दावेदार येदीयुरप्पा ने दावा किया है कि उन्हें भाजपा और जनता दल-एस के 125 विधायकों का समर्थन हासिल है. कर्नाटक की 224 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है. 'मशविरा जारी' दूसरी ओर कर्नाटक के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने सरकार के संबंध में अभी तक कोई संकेत नहीं दिए हैं. पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा,'' मैंने सरकार के गठन के संबंध में कोई फ़ैसला नहीं किया है. मैं अभी क़ानून और संविधान विशेषज्ञों से सलाह मशविरा कर रहा हूँ.'' दूसरी ओर कांग्रेसी नेताओं ने राज्यपाल से कहा है कि वो भाजपा और जनता दल-एस के दावे पर ग़ौर न करें और उन्होंने इसे 'अपवित्र गठबंधन' बताया है. बंगलौर से पत्रकार त्यागराज का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि जनता दल-एस और भाजपा सरकार बनाने के लिए आवश्यक विधायक पेश कर देगी. उनका कहना था कि जनता दल-एस प्रमुख देवगौड़ा के खुद भाजपा को समर्थन देने से समर्थन का विरोध करने वाले नेता एमपी प्रकाश अलग थलग पड़ गए हैं. उनका मानना है कि इसमें कोई शक नहीं कि एमपी प्रकाश सरकार बनाने में परेशानी पेश कर सकते हैं. घटनाक्रम ग़ौरतलब है कि इससे पहले सत्ता हस्तांतरण से इनकार करने के बाद भाजपा ने जनता दल-एस की अगुआई वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद एचडी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ गई थी और वहाँ राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था और विधानसभा निलंबित कर दी गई थी. बीस महीने पहले जनता दल (एस) और भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में साझा सरकार बनाई थी. समझौते के तहत 20 महीने बाद भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनना था. लेकिन कुमारस्वामी ने भाजपा को सत्ता सौंपने से इनकार कर दिया था. कई दिनों दोनों पार्टियों में सत्ता हस्तांतरण को लेकर बातचीत चली लेकिन बात नहीं बन पाई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कर्नाटक: भाजपा ने दावा पेश किया27 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन की सिफ़ारिश09 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा08 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक: भाजपा ने समर्थन वापस लिया06 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक सरकार पर संकट गहराया05 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक का सत्ता संघर्ष दिल्ली पहुँचा03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में गठबंधन टूट की कगार पर02 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में भाजपा मंत्रियों ने इस्तीफ़े दिए02 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||